महास्रान के बाद बीमार हुए महाप्रभु,पिलाया जा रहा काढ़ा  जिले में 16 जुलाई को निकलेगी भव्य रथयात्रा

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कोरबा@M4S:भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा से पहले जिले के जगन्नाथ मंदिरों में धार्मिक परंपराओं का निर्वहन पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ किया जा रहा है। स्नान पूर्णिमा के बाद भगवान के अस्वस्थ होने की मान्यता के अनुसार इन दिनों मंदिरों में अनसर काल चल रहा है। इस अवधि में भगवान के नियमित दर्शन बंद हैं और उनकी विशेष सेवा-पूजा की जा रही है। परंपरा के अनुरूप महाप्रभु को तुलसी,अदरक,काली मिर्च,पीपली,दालचीनी सहित विभिन्न आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार औषधीय काढ़ा अर्पित किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर आगामी 16 जुलाई को निकलने वाली भव्य रथयात्रा को लेकर कोरबा शहर सहित जिलेभर के मंदिरों में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं।
मंदिर समितियों के अनुसार अनसर काल में भगवान को पूर्ण विश्राम दिया जाता है। इस दौरान सेवायत विशेष नियमों के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। भक्त प्रत्यक्ष दर्शन नहीं कर पाते, लेकिन मंदिर परिसर के बाहर से ही भगवान के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और मंगलमय रथयात्रा की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि भगवान स्वस्थ होने के बाद नेत्र उत्सव के अवसर पर भक्तों को पुन: दर्शन देते हैं और इसके बाद रथयात्रा का शुभारंभ होता है। रथयात्रा को लेकर मंदिरों में रथों की सजावट, रंग-रोगन, ध्वज-पताकाओं की व्यवस्था, भजन-कीर्तन, प्रसाद वितरण और सुरक्षा संबंधी तैयारियां भी तेजी से चल रही हैं। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं के रथयात्रा में शामिल होने की संभावना है। धार्मिक व सामाजिक संस्थाएं भी सेवा कार्यों, पेयजल, चिकित्सा सहायता और प्रसाद वितरण की तैयारियों में जुटी हुई हैं। धार्मिक परंपरा के अनुसार अनसर काल समाप्त होने पर नेत्र उत्सव मनाया जाएगा। इस दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा का विशेष श्रृंगार किया जाएगा तथा लंबे अंतराल के बाद भक्तों को दर्शन का अवसर मिलेगा। इसके पश्चात महाप्रभु अपने भाई-बहन के साथ भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे।

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