HADSA: वेदांता प्लांट में ब्लास्ट और FIR के बाद अनिल अग्रवाल का इमोशनल कार्ड, NTPC को ठहराया जिम्मेदार!

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नई दिल्ली(एजेंसी): “सुना था वक्त अक्सर इम्तिहान लेता है, और पिछले कुछ महीनों से मैं यही महसूस कर रहा हूं। साल की शुरुआत में पहले मैंने अपने बेटे अग्निवेश को खोया और फिर 14 अप्रैल को हुए हादसे ने 25 बेशकीमती साथी छीन लिए। इस तरह अचानक किसी अपने के जाने का दुख क्या होता है, इसे मैं बहुत करीब से महसूस कर रहा हूं।”

वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal emotional post) का दर्द एक बार फिर छलक उठा। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बताया कि पिछले कुछ महीने उनके लिए काफी भारी रहे। उन्होंने खुद अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि कैसे एक के बाद एक हुए दो हादसों ने उन्हें झकझोर कर रख दिया है।

अग्रवाल ने बताया कि साल की शुरुआत में उन्होंने अपने जवान बेटे (Anil Agarwal son death Agnivesh) को खो दिया और अब छत्तीसगढ़ के सिंघीतराई (एथेना) पावर प्लांट (vedanta plant blast news) में हुए हादसे में उनके 25 साथियों की जान चली गई।

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‘हमने पूरी सावधानी बरती, लेकिन…’

हादसे की वजहों पर बात करते हुए अग्रवाल ने बताया कि एथेना प्लांट के संचालन की पूरी जिम्मेदारी देश की सबसे भरोसेमंद कंपनियों में से एक NTPC-GE की पार्टनरशिप वाली कंपनी NGSL को दी गई थी। उन्होंने कहा,

हमने पूरी सावधानी बरती थी। एक्सपर्ट्स भी उनके थे और कर्मचारी भी। हमें पूरा भरोसा था कि वे इसे बेहतर तरीके से संभालेंगे, जैसे कोई कार मालिक अपनी गाड़ी किसी भरोसेमंद ड्राइवर को सौंपकर निश्चिंत हो जाता है। लेकिन इसके बावजूद यह दुखद हादसा हो गया।”

‘हादसा होना दिल तोड़ने वाला’

अग्रवाल ने साफ किया कि वेदांता के हर कॉन्ट्रैक्ट में सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा जाता है और NTPC-GE की भी यही पॉलिसी है। उन्होंने कहा कि, इतनी सावधानी के बाद भी ऐसा हादसा होना दिल तोड़ने वाला है। उन्होंने अपने बेटे और उन 25 साथियों को भावुक श्रद्धांजलि दी। अग्रवाल ने यह भी भरोसा दिलाया कि हादसे के सभी पीड़ितों को मुआवजा मिल चुका है और वेदांता ग्रुप आगे भी उनकी हर मुमकिन मदद करेगा।

क्या था छत्तीसगढ़ का मामला?

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में स्थित सिंघीतराई (एथेना) पावर प्लांट में 14 अप्रैल को एक बड़ा हादसा हुआ था। यह प्लांट वेदांता समूह के अंतर्गत आता है, लेकिन इसका ऑपरेशन और मेंटेनेंस का काम आउटसोर्स किया गया था। मेंटेनेंस के दौरान हुई एक तकनीकी गड़बड़ी की वजह से वहां अचानक दुर्घटना हो गई, जिसमें काम कर रहे 25 लोगों की मौत (25 workers killed Vedanta plant) हो गई। इस हादसे के बाद सुरक्षा मानकों को लेकर काफी चर्चा हुई थी। इस हादसे को लेकर अनिल अग्रवाल के खिलाफ FIR भी दर्ज हो चुकी है।

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