कोरबा@M4S:छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रदेशव्यापी आव्हान पर 3 दिवसीय हड़ताल ने साल के अंतिम दिनों में जनता की परेशानी बढ़ा दी है। आकांक्षी जिला कोरबा में तीसरे दिन भी कलेक्टोरेट,जनपद पंचायत स्थित विभिन्न शाखाओं में पहुंचे जरूरतमंद निराश लौटते दिखे। इधर आईटीआई तानसेन चौक के सामने धरना स्थल में जिला इकाई के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की ।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जिला इकाई कोरबा के आह्वान पर जिले के कर्मचारी एवं अधिकारियों द्वारा 11 सूत्रीय मांगों को लेकर तानसेन चौक में आयोजित आंदोलन के तीसरे दिन भी शासन की कर्मचारी विरोधी नीतियों के विरुद्ध शांतिपूर्ण अनुशासित एवं लोकतांत्रिक ढंग से अपना विरोध दर्ज कराया। आंदोलन में कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी जायज मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। फेडरेशन ने कहा कि केंद्रीय कर्मचारियों के समान नियत तिथि से मंगाई भत्ता प्रदान किया जाए, चार स्तरीय समय मान वेतनमान लागू किया जाए, सभी कर्मचारी एवं अधिकारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए ,अर्जित अवकाश नगदीकरण की सीमा में वृद्धि कर 300 दिन किया जाए, सेवानिवृत्ति की आयु में वृद्धि कर 65 वर्ष किया जाए, सभी विभागों की वेतन विसंगति दूर किया जाए, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए सभी लाभ सहित कुल 11 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र निर्णय लिया जाए। फेडरेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शासन से अपेक्षा कर रहे हैं, किंतु अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी उपेक्षा के कारण कर्मचारियों को आंदोलन का मार्ग अपनाना पड़ा है, उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शासन द्वारा मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की जाती है तो यह आंदोलन आगामी दिनों में और अधिक व्यापक रूप लेगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
हड़ताल के अंतिम दिन भी कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने भरी हुंकार सरकारी दफ्तरों में तीसरे दिन भी पसरा रहा सन्नाटा, तालाबंदी से जरुरतमंद लौटे निराश
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