REPUBLIC DAY 2026 परेड में इयरफोन-चार्जर समेत नहीं ले जा सकेंगे ये चीजें, भूलकर भी गलती की तो नहीं मिलेगी एंट्री

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नई दिल्ली(एजेंसी):राजधानी दिल्ली में हर साल की तरह इस बार भी गणतंत्र दिवस की तैयारियां जोरों से चल रही हैं। इस बार जो गणतंत्र दिवस पर परेड देखने का मूड बना रहे हैं, उन्हें जाने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा। आइए बताते हैं कि 77वें गणतंत्र दिवस की परेड में आप क्या ले सकते हैं और क्या नहीं-

गणतंत्र दिवस की परेड में कई वीवीआईपी शामिल होंगे, जिस वजह से कर्तव्य पथ के आसपास हाई सिक्योरिटी रहेगी। अगर परेड देखने जा रहे हैं तो आप सिर्फ मोबाइस फोन, टिकट, फोटो आईडी और जरूरी दवा व पानी की छोटी बोतल ही ले सकेंगे। चेकिंग के बाद ही आपको प्रवेश दिया जाएगा।

क्या-क्या नहीं ले जा सकते हैं आप

अगर आप गणतंत्र दिवस पर परेड देखने जा रहे हैं तो आप कुछ चीजें वहां नहीं ले जा सकेंगे। जैसे कि मोबाइल चार्जर, इयरफोन, पावर बैंक, बैटरी से चलने वाले कोई भी गैजेट हथौड़े और रेजर, ब्लेड, चाकू, नुकील हथियारा, कैंची और तार भी नहीं ले जा सकेंगे। इनके अलावा हथौड़ा, ड्रिल, आरी, तलवार, कटार और पेंचकस आदि सामान बिल्कुल नहीं ले सकेंगे। अगर आप इनमें से कोई भी सामान लेकर गए तो आपको प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

परेड देखने जा रहे हैं तो पुलिस के निर्देशों का पालन जरूर करें
प्रवेश के दौरान सिर्फ तय किए गए एंट्री और एग्जिट गेट का ही प्रयोग करें
कर्तव्य पथ के आसपास बिना अनुमति के फोटो या वीडियो बिल्कुल न बनाएं

गणतंत्र दिवस पर परेड देखने जा रहे हैं तो अपने साथ मोबाइल चार्जर, इयरफोन, पावर बैंक, बैटरी से चलने वाले कोई भी गैजेट न ले जाएं। अगर आप ऐसी कोई भी चीज ले जाते हैं तो आपको प्रवेश नहीं दिया जाएगा। आप सिर्फ मोबाइल फोन, जरूरी दवा, टिकट, फोटो आईडी और पानी की छोटी बोतल ले सकते हैं।

कर्तव्य पथ पर गूंजेगा वंदे मातरम्

77वें गणतंत्र दिवस की परेड में इस बार कर्तव्य पथ से गुजरने वाली झांकियां थीम आधारित होने के बावजूद विशेष होंगी। इन झांकियों में न केवल वंदे मातरम् गूंजेगा बल्कि ऑपरेशन सिंदूर का नजारा भी देखने को मिलेगा। कुछ झांकियों में देश की संस्कृति, विरासत और प्रगति दिखाई देगी, तो पहली बार भारतीय सिनेमा की झलक भी देखने को मिलेगी।

वहीं, गुरुवार को राष्ट्रीय रंगशाला में रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि इस साल परेड में 17 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों तथा 13 केंद्र सरकार के विभागों की कुल 30 झांकियां हिस्सा लेंगी। झांकियों की थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र वंदे मातरम् एवं समृद्धि का मंत्र-आत्मनिर्भर भारत’ रखी गई है।

मतलब वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने और आत्मनिर्भर भारत पर केंद्रित मुख्य विषय के साथ, राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और मंत्रालयों की 30 झांकियां एकता, आत्मनिर्भरता और समावेशी राष्ट्रीय प्रगति को प्रदर्शित करेंगी। गुजरात, छत्तीसगढ़, संस्कृति मंत्रालय तथा केंद्रीय आवास व शहरी विकास मंत्रालय की झांकी में वंदे मातरम् की 150 वर्ष की गौरवशाली गाथा का प्रदर्शन होगा। सैन्य मामलों के विभाग की झांकी में पिछले वर्ष की आपरेशन सिंदूर की विजय प्रदर्शित की जाएगी।

हिमाचल प्रदेश की झांकी देव भूमि – वीर भूमि और महाराष्ट्र की झांकी गणेशोत्सव की परिकल्पना को चित्रित करेगी। सूचना और प्रसारण मंत्रालय की झांकी खास होगी। इसमें भारत कथा : श्रुति, कृति और दृष्टि की थीम होगी। इस झांकी के जरिये पहली बार कर्तव्य पथ पर भारतीय सिनेमा की झलक नजर आएगी। बताया जाता है कि सिनेमा की इस भव्य प्रस्तुति का प्रतिनिधित्व मशहूर फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली करेंगे। वहीं, आस्कर विजेता संगीतकार एमएम कीरावनी ‘वंदे मातरम्’ की नई धुन पेश करेंगे, जो परेड को एक नया सांस्कृतिक आयाम देगी।

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