गेवरारोड-पेंड्रारोड कॉरिडोर में 40 प्वाइंट, 226 रूट की ई-सिग्नलिंग

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कोरबा@M4S:गेवरारोड-पेंड्रारोड रेल कॉरिडोर के विकास में पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली सफलतापूर्वक लागू कर दी गई है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 22 मार्च को यह काम महज 5.5 घंटे में पूरा किया, जिससे स्टेशन संचालन अधिक सुरक्षित और सुचारु हुआ।
नई प्रणाली में 40 प्वाइंट्स और 226 रूट्स शामिल किए गए हैं। स्टेशन पर 22 मुख्य सिग्नल, 17 कॉलिंग-ऑन सिग्नल और 75 डमी प्वाइंट्स स्थापित किए गए हैं। 6 लाइनों में 66 डीसी ट्रैक सर्किट और 54 मल्टी सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर (एमएसडीएसी) भी लगाए गए हैं, जो ट्रेनों की सटीक लोकेशन और मूवमेंट की जानकारी देते हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह हाईटेक सिग्नलिंग भविष्य में बढ़ते रेल यातायात को संभालने में अहम भूमिका निभाएगी। परियोजना में अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें सिमेन्स इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, डेटा लॉगर, फायर अलार्म सिस्टम, फ्यूज चेंज ओवर, अलार्म सिस्टम और इंटीग्रेटेड पावर सप्लाई (आईपीएस) शामिल हैं। नई प्रणाली में आधुनिक रूट सेटिंग, बेहतर पॉइंट ऑपरेशन मैकेनिज्म और उन्नत संरक्षा सुविधाएं हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना क्षमता बढ़ेगी बल्कि पूरे कॉरिडोर में ट्रेनों का संचालन और अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और समय पर होगा। यात्रियों को समय की बचत और सुगम सफर का लाभ मिलेगा। है कि इस हाईटेक प्रणाली से न केवल स्टेशन की इस कदम से बिलासपुर और पेंड्रारोड के बीच रेल परिचालन में तेजी और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित होंगी, जिससे आने वाले समय में कॉरिडोर पर बढ़ते ट्रेनों के दबाव को भी कम किया जा सकेगा।

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