दीपका नगर पालिका, बजट के अभाव में विकास का पहिया जाम, कांग्रेस नेता विशाल शुक्ला ने घेरा

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डेढ़ साल बाद भी नहीं पेश हुआ बजट, प्रशासनिक विफलता का आरोप

अध्यक्ष मद की राशि भी धूल खा रही, विकास कार्य पूरी तरह ठप: विशाल शुक्ला

मानसून से पहले नालियों की सफाई न होने पर दी चेतावनी, कहा— जनता की परेशानियों के जवाबदेह होंगे अध्यक्ष

कोरबा@M4S:दीपका नगर पालिका परिषद  में बजट को लेकर मचे घमासान के बीच कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रत्याशी विशाल शुक्ला ने दीपका नगर सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला है उन्होंने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राजपूत और परिषद पर नगर के विकास की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया है ।

बजट नहीं तो विकास कैसा?

विशाल शुक्ला ने तल्ख लहजे में कहा कि नगर पालिका अध्यक्ष को पद संभाले एक वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन विडंबना यह है कि अब तक वार्षिक बजट परिषद के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है उन्होंने सवाल किया कि बिना बजट के विकास की दिशा और प्राथमिकताएं कैसे तय होंगी? बजट बैठक न होना पार्षदों और जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है ।

अध्यक्ष मद का उपयोग न होना कार्यक्षमता पर प्रश्नचिह्न

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि एक ओर शहर विकास की बाट जोह रहा है वहीं दूसरी ओर अध्यक्ष मद की राशि डेढ़ वर्षों से बिना उपयोग के यथावत पड़ी हुई है उन्होंने कहा अध्यक्ष मद का खाली रहना यह साबित करता है कि वर्तमान नेतृत्व के पास नगर के समग्र विकास की न तो कोई मंशा है और न ही कोई स्पष्ट रूपरेखा ।

जल संकट और आगामी मानसून की चिंता

शुक्ला ने नगर की बदहाल व्यवस्थाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में नगरवासी बूंद-बूंद पानी के लिए तरसते रहे लेकिन पालिका ने कोई ठोस वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की अब जबकि मानसून सिर पर है शहर की नालियों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था भगवान भरोसे है उन्होंने आशंका जताई कि यदि पहली बारिश में गंदा पानी लोगों के घरों में घुसा तो इसके लिए नगर पालिका प्रशासन सीधे तौर पर जिम्मेदार होगा ।

मांग और चेतावनी

विशाल शुक्ला ने नगर पालिका परिषद से मांग की है कि:-

०१. तत्काल बजट बैठक आयोजित कर आय-व्यय का विवरण सार्वजनिक किया जाए ।

०२. लंबित विकास कार्यों की स्पष्ट रूपरेखा जनता के सामने रखी जाए ।

०३. अध्यक्ष मद और अन्य विकास निधियों का उपयोग जनहित के कार्यों में तुरंत शुरू हो ।

उन्होंने अंत में चेतावनी देते हुए कहा कि बिना बजट के विकास की बातें केवल कागजी दावे हैं नगर पालिका को जनता के प्रति जवाबदेह बनना होगा अन्यथा कांग्रेस पार्टी जनहित में उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी ।

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