नई दिल्ली(एजेंसी):बिहार में चुनाव आयोग के खिलाफ उठ रही विरोध की आवाज अब दिल्ली तक पहुंच गई है। संसद के मानसून सत्र में विपक्ष ने चुनाव आयोग के खिलाफ हल्ला बोलते हुए राजधानी की सड़कों पर मार्च निकालना शुरू कर दिया था।
इंडी गंठबंधन का यह मार्च संसद के मकर द्वार से चुनाव आयोग के दफ्तर तक निकालने की तैयारी थी, जिसमें कई बड़े विपक्षी नेता शामिल थे। दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत 200 से ज्यादा नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था, जिन्हें अब रिहा कर दिया गया है।
TMC सांसद बेहोश
विपक्ष के प्रदर्शन के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद मिताली बाग अचानक बेहोश हो गई और महुआ मोइत्रा की हालत भी बिगड़ने लगी। ऐसे में राहुल गांधी ने उनकी मदद की और उन्हें फौरन अस्पताल पहुंचवाया।
#WATCH | Delhi: Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, "The reality is that they cannot talk. The truth is in front of the country. This fight is not political. This fight is to save the Constitution. This fight is for One Man, One Vote. We want a clean, pure voters… pic.twitter.com/Aj9TvCQs1L
— ANI (@ANI) August 11, 2025
राहुल-प्रियंका हिरासत में
संसद से चुनाव आयोग तक मार्च में शामिल नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।
दिल्ली पुलिस के द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि वो (सरकार) बात नहीं कर सकते हैं। सच्चाई देश के सामने है। यह राजनीतिक नहीं संविधान की लड़ाई है। हमें साफ वोटर लिस्ट चाहिए।
अखिलेश बैरिकेडिंग से कूदे
विपक्ष के मार्च के मद्देनजर पूरे मार्ग की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। कई जगहों पर बैरिकेडिंग भी लगी थी। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव बैरिकेडिंग कूद कर आगे निकल गए, जिसका वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया था।
हिरासत के बाद नेताओं को कहां ले जाया गया?
दिल्ली पुलिस के अधिकारी दीपक पुरोहित के अनुसार, विपक्ष के जिन भी नेताओं को हिरासत में लिया गया है, उन्हें नजदीकी पुलिस स्टेशन में ले जाया गया है। कितने सांसदों हिरासत में हैं? इसकी गिनती जारी है। यहां पर प्रदर्शन की इजाजत नहीं थी। दिल्ली में रूट मार्च की परमिशन नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने धरने के लिए जंतर-मंतर जाने का सुझाव दिया है।
#WATCH | Delhi: INDIA bloc leaders begin their march from the Parliament to the Election Commission of India to protest against the Special Intensive Revision (SIR) of electoral rolls in poll-bound Bihar and allegations of "voter fraud" during the 2024 Lok Sabha elections. pic.twitter.com/ONQhHLfGBe
— ANI (@ANI) August 11, 2025
विपक्ष क्यों निकाल रहा है मार्च?
विपक्ष का यह मार्च बिहार में चुनाव आयोग के द्वारा शुरू की गई स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के खिलाफ था। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के तहत कई लोगों के नाम काट दिए गए हैं। साथ ही विपक्ष ने 2024 के लोकसभा चुनाव में ‘वोट चोरी’ का भी आरोप लगाया है।
कई दिग्गज नेता शामिल
संसद के मकर द्वार पर सभी विपक्षी नेताओं को एकत्रित किया गया। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी से लेकर प्रियंका गांधी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और सांसद डिंपल यादव समेत कई बड़े नेता शामिल रहे। इंडिया गठबंधन में शामिल विपक्षी पार्टियों के ज्यादातर सांसदों ने इस मार्च में हिस्सा लिया था।
कहां से कहां तक निकलेगा मार्च?
विपक्ष का यह मार्च संसद के मकर द्वार से शुरू होकर चुनाव आयोग के दफ्तर तक जाएगा। नई दिल्ली से संसद मार्ग के पंडित पंत मार्ग पर निर्वाचन सदन (चुनाव आयोग का मुख्यालय) मौजूद है।
संसद से चुनाव आयोग की दूरी कितनी?
बता दें कि संसद से निर्वाचन सदन की दूरी लगभग डेढ़ किलोमीटर है। ऐसे में कर्तव्य पथ और रायसेना रोड से होते हुए विपक्ष के सांसद चुनाव आयोग के दफ्तर तक पहुंचने का प्लान था।





































