फसल मुआवजा प्रकरण : भू धसान से प्रभावित हुए किसानों के फसल क्षति पूर्ति मुआवजा की मांग को लेकर 26 मई को एसडीएम कार्यालय का घेराव करेगी माकपा

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प्रभावित किसानों ने बैठक कर घेराव की बनाई रूपरेखा

कोरबा@M4S: एसईसीएल के बल्गी सुराकछार खदान के भूधसान से प्रभावित किसानों को विगत तीन वर्षों का फसल क्षतिपूर्ति मुआवजा देने की मांग को लेकर प्रभावित किसानों के साथ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और छत्तीसगढ़ किसान सभा ने बैठक करने के बाद माकपा प्रतिनिधि मंडल ने कटघोरा एसडीएम कार्यालय का 26 मई को घेराव का नोटिस कटघोरा एसडीएम सहित जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को थमाया था लेकिन प्रशासन ने भू धसान से प्रभावित किसानों की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जिससे आक्रोशित किसानों ने बैठक कर 26 मई को माकपा के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय घेराव की रूपरेखा तैयार की है।

माकपा जिला सचिव प्रशांत झा और छत्तीसगढ़ किसान सभा के जिला सचिव दीपक साहू ने बताया कि बलगी कोयला खदान की डि-पिल्लरिंग के कारण सुराकछार बस्ती के किसानों की सैकड़ों हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि भू-धसान के कारण पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। भूमि में दरारें इतनी गहरी है कि वह पूरी तरह तालाब, झील और खाई में तब्दील हो चुकी है। अब इस जमीन में किसान कोई भी कृषि कार्य नहीं कर पा रहे हैं। इसके एवज में एसईसीएल हर साल किसानों को मुआवजा देता रहा है, लेकिन पिछले तीन सालों में हुए नुकसान का आंकलन कर मुआवजे का भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं होने से भूधसान प्रभावित किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और फसल नुकसान का आंकलन राजस्व विभाग को करना है इसलिए माकपा लगातार कई बार ज्ञापन सौंपकर कटघोरा एसडीएम से भूधसान से प्रभावित किसानों को क्षतिपूर्ति मुआवजा दिलाने की मांग करते आ रही है लेकिन इस मामले में एक इंच भी प्रगति नहीं हुई है। और अब किसानों के पास संघर्ष के अलावे कोई रास्ता नहीं बचा है। एक ओर बढ़ती मंहगाई में गरीब किसानों का जीना मुश्किल है तो दूसरी ओर जिन माध्यमों से किसानों तक कुछ राहत पहुंचाई जा सकती है उसे भी प्रशासन गंभीरता से नहीं ले रही है।

प्रभावित किसान गणेश राम चौहान ने बताया कि बल्गी सुराकछार खदान के भूधसान के कारण सुराकछार बस्ती के किसानों की भूमि वर्ष 2009 से कृषि कार्य करने योग्य नहीं रह गई है। इससे किसानों को हुए भारी नुकसान को देखते हुए वर्ष 2022-2023 तक का फसल क्षतिपूर्ति व मुआवजा एसईसीएल प्रबंधन को देना पड़ा है।लेकिन इसके बाद वर्ष 2023-24 से वर्ष 2025-26 तक का तीन वर्षों का मुआवजा अभी तक लंबित है। कई बार कटघोरा एसडीएम को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा गया और फसल क्षतिपूर्ति का मुआवजा आंकलन तैयार करने की मांग की गई लेकिन किसानों की समस्या को लेकर जिला प्रशासन का राजस्व विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है इसलिए अब मजबूर होकर आंदोलन करने के लिए बाध्य हुए है।

किसानों की समस्याओं के प्रति राजस्व विभाग,जिला प्रशासन और एसईसीएल की उदासीनता और उसकी वादाखिलाफी के खिलाफ अक्रोशित किसानों की बैठक सुराकछार बस्ती में हुई बैठक में गणेश राम चौहान,सत्यपाल सिंह,सत्यानंद,इंजोर सिंह,सावित्री चौहान,रमा के साथ प्रभावित किसान उपस्थित थे, किसानों ने बैठक में 26 मई को कटघोरा एसडीएम कार्यालय का घेराव करने की रूप रेखा भी बनाई।

 

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