नई दिल्ली(एजेंसी):अगर कोई फिल्म 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लेती है, तो माना जाता है कि उसने सफलता का एक बड़ा पैमाना पार कर लिया। इसी तरह यदि किसी कंपनी का कोई ब्रांड या प्रोडक्ट 100 करोड़ रुपये की सेल्स का आंकड़ा पार कर ले तो उसे भी काफी बेहतर माना जाता है।
भारत में कई दवा ब्रांड और प्रोडक्ट्स हैं, जिनकी सेल्स 100 करोड़ से काफी अधिक हो चुकी है। मगर 90 के दशक में ये इतना आसान नहीं था। पर उसी समय एक दवा कंपनी ने एक ऐसा प्रोडक्ट लॉन्च किया, जो भारत का पहला 100 करोड़ रुपये की सेल दर्ज करने वाला दवा उत्पाद बन गया। आइए जानते हैं इस कंपनी और उसके इस प्रोडक्ट के बारे में, जो आज घर-घर में यूज होता है।
ये है वो प्रोडक्ट
भारत का पहला 100 करोड़ रुपये की सेल्स दर्ज करने वाला फार्मा ब्रांड है एक कैप्सूल, जिसे लोग सुबह खाली पेट गैस और एसिडिटी से बचने के लिए लेते हैं। ये है ओमेज (Omez – Omeprazole), जिसे डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज (Dr Reddy’s Laboratories) द्वारा बनाया गया।
इसी को भारतीय दवा उद्योग (Indian Pharmaceutical Industry) के इतिहास में ₹100 करोड़ का टर्नओवर पार करने वाला पहला ब्रांड माना जाता है।
कितनी है कीमत?
आज ओमेज का 20 कैप्सूल वाली स्ट्रिप 43.10 रुपये में मिलती है। यानी एक कैप्सूल का दाम हुआ 2.16 रुपये था। रिपोर्ट्स के अनुसार 1991 में इस कैप्सूल का दाम 50 पैसे से भी कम था।
डॉ रेड्डीज को मिली सफलता
ओमेज की सफलता ने डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज को भारतीय घरेलू बाजार में एक मजबूत पहचान दिलाई। इससे ये भी रास्ता साफ हुआ कि भारतीय कंपनियां वैश्विक स्तर के मॉलिक्यूल को भारत में बेहद किफायती दामों पर ब्रांडेड जेनेरिक के रूप में सफल बना सकती हैं।
रूस में किया गया लॉन्च
इस दवा, ओमेप्राजोल का पेटेंट 1978 में AB Hässle (जो एस्ट्राजेनेका का हिस्सा है) द्वारा कराया गया था। इसे पहली बार 1988 में मेडिकल इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिली, और यह ‘लोसेक’ (Losec) और ‘प्रिलोसेक’ (Prilosec) जैसे ब्रांड नामों से बाजार में आया।
डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज ने 1991 में भारत में ‘ओमेज’ लॉन्च किया, जो एसिड-पेप्टिक विकारों के लिए एक किफायती ‘ब्रांडेड जेनेरिक’ ऑप्शन था।
भारत में मिली सफलता के बाद, ‘ओमेज’ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेश किया गया। 1992 में रूस में लॉन्च होने वाला यह डॉ रेड्डीज का पहला उत्पाद बना, जहाँ इसे “प्रोडक्ट ऑफ द ईयर” और “पीपल्स ब्रांड” का सम्मान मिला।











