जहरीली गैस से दम घुटने का खतरा
कोरबा@M4S:उत्तर भारत समेत छत्तीसगढ़ में भी शीतलहर का प्रकोप शुरू हो गया है। पारा गिरने के साथ ही गुलाबी ठंड अब ठिठुरन में बदल रही है, जिससे बचने के लिए लोग गर्माहट की तलाश में अलाव और हीटर का सहारा ले रहे हैं। कई परिवार अनजाने में एक जानलेवा गलती कर बैठते हैं। वे बंद कमरों में कोयले की अंगीठी जलाकर गर्मी पाने की कोशिश करते हैं, लेकिन शायद उन्हें इस बात का इल्म नहीं कि यह काला हीरा उनकी प्राणों का दुश्मन भी बन सकता है। बंद कमरों में अलाव जलाने से पैदा होने वाली जहरीली गैस आपकी जान ले सकती है।
लकड़ी के जलने से कार्बन मोनोऑक्साइड नामक अत्यंत जहरीली गैस का उत्पादन होता है। यह गैस रंगहीन, गंधहीन और स्वादहीन होती है, जिसके कारण इसका पता लगाना लगभग असंभव होता है। जब कोई व्यक्ति बंद कमरे में यह गैस सांस के जरिए लेता है, तो यह तेजी से रक्त में मिलकर ऑक्सीजन के स्थान पर हीमोग्लोबिन से जुड़ जाती है। इससे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचनी बंद हो जाती है, जिससे व्यक्ति को घुटन महसूस होती है, वह बेहोश हो जाता है और अंतत: उसकी मृत्यु हो जाती है। अक्सर ऐसे मामलों में लोग गहरी नींद में ही मौत के आगोश में समा जाते हैं और उन्हें इसका भान तक नहीं होता। काले हीरों की धरती कहे जाने वाली कोरबा जैसे कोयला उत्पादक क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं पहले कई बार देखी या सुनी जा चुकी हैं। सिर्फ कोरबा ही नहीं बल्कि देश के अन्य हिस्सों से भी ऐसी दर्दनाक खबरें आती रहती हैं, जहां पूरा का पूरा परिवार सोता ही रह जाता है और सुबह दरवाजा खोलने पर उनकी मृत देह मिलती है। ये घटनाएं अक्सर लापरवाही का नहीं बल्कि घातक जानकारी के अभाव का परिणाम होती हैं, जहां लोग अनजाने में खुद को और अपने परिवार को मौत के मुंह में धकेल देते हैं।
शीतलहर जैसी बन रही है स्थिति
जिले में उत्तर से आ रही ठंडी हवाओं के कारण कड़ाके की ठंड पड़ रही है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री व न्यूनतम तापमान 11 डिग्री के करीब रहा। सुबह 8 बजे तक रजगामार रोड पर घना कोहरा छाया रहा। इंडस्ट्रियल एरिया, पुराने कलेक्ट्रेट से लेकर रिस्दी तक सड़क कोहरे से ढंकी रही। इस क्षेत्र में तापमान 2 डिग्री तक कम है। ग्रामीण क्षेत्र में ठंड से बचने सुबह और शाम अलाव का सहारा ले रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन बदली के बाद न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट आ सकती है। इससे ठंड और बढ़ेगी। बालको के आगे सुबह शीतलहर जैसी स्थिति बन रही है।
सावधान: कमरे में अलाव जलाकर सोना सुला सकता है मौत की नींद
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