अजित पवार विमान हादसा: आखिरी 26 मिनटों में क्या-क्या हुआ? हादसे से जुड़े 5 अनसुलझे सवाल

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नई दिल्ली(एजेंसी): महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को लेकर जा रहा लियरजेट-45 विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, लैंडिंग के वक्त विजिबिलिटी बहुत खराब थी और पायलट को रनवे साफ दिखाई नहीं दे रहा था।

विमान ने एक बार लैंडिंग की कोशिश छोड़ी और उसे गो-अराउंड किया गया, लेकिन दूसरी कोशिश में रनवे दिखने की सूचना देने के कुछ ही पलों बाद विमान रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें आग लग गई।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने बताया कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि लैंडिंग के समय दृश्यता कम थी। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने पायलट से पूछा था कि क्या रनवे दिखाई दे रहा है। पहले पायलट ने नहीं कहा, जिसके बाद विमान ने गो-अराउंड किया।

दूसरी बार पायलट ने रनवे दिखाई देने की पुष्टि की, जिसके बाद ATC ने विमान को लैंड करने की अनुमति दी। लेकिन इसके कुछ ही मिनटों बाद हादसे की सूचना मिली।

ATC की टाइमलाइन में क्या सामने आया?

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, विमान ने सुबह 8.18 बजे बारामती ATC से संपर्क किया। उस समय विमान रनवे-11 पर फाइनल एप्रोच में था। पायलट ने बताया कि रनवे दिखाई नहीं दे रहा है और उसने गो-अराउंड शुरू किया।

इसके बाद विमान ने दोबारा संपर्क कर रनवे दिखने की सूचना दी। सुबह 8.43 बजे ATC ने विमान को लैंडिंग की अनुमति दी, लेकिन पायलट की ओर से कोई रीड-बैक यानी पुष्टि नहीं आई। सुबह 8.44 बजे ATC ने रनवे-11 के थ्रेशहोल्ड के पास आग की लपटें देखीं। DGCA के मुताबिक, विमान करीब 8.45 बजे रनवे के पास क्रैश-लैंड हुआ।

हादसे के वक्त कौन-कौन विमान में था?

इस हादसे में कुल पांच लोगों की मौत हुई। विमान में अजित पवार के साथ एक PSO, एक निजी सहायक और दो क्रू मेंबर सवार थे। सभी की मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे की जांच अब एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) कर रहा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अजित पवार के निधन पर राज्य में अवकाश और तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।

अब भी अनसुलझे 5 बड़े सवाल

पहला सवाल- लैंडिंग की अनुमति के बाद अचानक क्या हुआ?

8.43 बजे विमान को लैंडिंग की अनुमति मिली, लेकिन पायलट ने ATC को कोई जवाब नहीं दिया। एक मिनट बाद आग दिखी और 8:45 बजे हादसा हुआ। क्या आखिरी पलों में कोई तकनीकी खराबी, कंट्रोल लॉस या कॉकपिट इमरजेंसी हुई?

दूसरा सवाल- खराब विजिबिलिटी में लैंडिंग की कोशिश क्यों की गई?

मंत्री के मुताबिक दृश्यता खराब थी और पहले प्रयास में पायलट को रनवे नहीं दिखा। बारामती एक अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड है। क्या ऐसे हालात में विमान को डायवर्ट करना ज्यादा सुरक्षित विकल्प था?

तीसरा सवाल- लैंडिंग क्लियरेंस के बाद रेडियो संपर्क क्यों टूटा?

लैंडिंग से पहले तक पायलट ATC से लगातार बात कर रहा था। अंतिम अनुमति के बाद अचानक संपर्क टूट गया। क्या यह संचार प्रणाली की खराबी थी, पायलट की तबीयत बिगड़ने का मामला या किसी आपात स्थिति का संकेत?

चौथा सवाल- क्या विमान में तकनीकी या इंजन फेलियर हुआ?

विमान रनवे के पास गिरते ही आग की चपेट में आ गया। रिकॉर्ड के अनुसार विमान के दस्तावेज और एयरवर्थिनेस वैध थे। क्या इंजन फेलियर, बर्ड हिट, ईंधन रिसाव या इलेक्ट्रिकल फायर की वजह से आग लगी?

पांचवां सवाल- क्या लैंडिंग एप्रोच सुरक्षित और SOP के अनुसार थी?

पायलट को विजुअल कंडीशन में उतरने की छूट दी गई थी। पहले रनवे नहीं दिखा, फिर अचानक दिखने की सूचना दी गई। क्या एप्रोच स्थिर (स्टेबल) थी या विमान बहुत तेज, बहुत ऊंचा या गलत पोजीशन में था?

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