भोपाल(एजेंसी):मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में 17 अप्रैल को बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बैढ़न शाखा में हुई डकैती के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि 5 करोड़ रुपये नकद और गिरवी रखा सोना लूटने के लिए इस गैंग के सरगना ने जमीन पर उतरकर रेकी करने से पहले ऑनलाइन मैप्स और स्ट्रीट व्यू का इस्तेमाल किया था।
सीमावर्ती जिलों को क्यों चुना गया?
मिली जानकारी के अनुसार, गैंग के सरगना ने मैप की मदद से खासकर सीमावर्ती जिलों को चुना, ताकि वारदात को अंजाम देकर तुरंत पड़ोसी राज्यों में भागा जा सके। दूसरी बड़ी बात यह भी है कि शुरुआती योजना में मध्य प्रदेश का छतरपुर जिला भी इनके निशाने पर था, लेकिन बाद में गैंग ने अपना रुख बदलकर सिंगरौली को चुना।
महज 15 मिनट में दिया वारदात को अंजाम
बता दें कि 17 अप्रैल को दिनदहाड़े हथियारों से लैस पांच बदमाश बैंक में घुसे। उन्होंने वहां मौजूद स्टाफ और ग्राहकों को बंधक बनाकर धमकाया और महज 15 मिनट के भीतर बैंक से नकदी और गिरवी रखा सोना लूटकर फरार हो गए। पुलिस का अनुमान है कि यह गैंग पिछले 4-5 सालों में करीब 70 से 80 किलोग्राम सोना चुरा चुका है।
अलग-अलग लेयर में काम करता था गिरोह
पुलिस का मानना है कि यह डकैती एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा थी, जिसमें अलग-अलग समूह अलग-अलग काम संभालते थे।
- पहला समूह- रेकी और योजना बनाने का काम करता था।
- दूसरा समूह- हथियारों के साथ बैंक में धावा बोलकर लूट की वारदात को अंजाम देता था।
- तीसरा समूह- लूटे गए सोने को ठिकाने लगाने और बेचने का काम संभालता था।





















































