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कोरबा@M4S:छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जमनीमूडा में मामूली विवाद पर एक वृद्ध की ईंट से पीट-पीटकर हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 3 घंटे के भीतर जंगल और खेतों में छिपे तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, जमनीमूडा निवासी सूचक मनीषा कंवर ने थाना पाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 13 अक्टूबर 2026 की रात करीब 8 से 9 बजे के बीच उनके पड़ोसी नारायण पोर्ते और उसके दो बेटों (राम और नवजोत) ने उनके परिवार के साथ लड़ाई-झगड़ा शुरू कर दिया। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने मनीषा के पिता कुसाल सिंह कंवर पर ईंट से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
परिजन उन्हें तत्काल इलाज के लिए सरकारी अस्पताल पाली लेकर आए, जहां उपचार के दौरान अगले दिन 14 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 6 से 7 बजे वृद्ध कुसाल सिंह ने दम तोड़ दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, फरार आरोपियों की तलाश
मृत्यु की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पंचनामा तैयार किया और मामले की जानकारी एसडीएम (SDM) पाली को भेजी। इसके बाद पुलिस ने हत्या का अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक (SP) के कड़े दिशा-निर्देशों के बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया।
एसडीओपी (SDOP) विजय सिंह राजपूत के नेतृत्व में पाली थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज कौशिक, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक प्रदीप दीवान, प्रधान आरक्षक अमित कुमार और आरक्षक जगजीवन कंवर व नारायण कश्यप की टीम ने आरोपियों के घर पर दबिश दी, लेकिन तीनों आरोपी घर छोड़कर फरार हो चुके थे।
जंगल और खेत से दबोचे गए हत्यारे
पुलिस ने सूझबूझ से काम लेते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी की और सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान दो आरोपियों को गांव के ही एक खेत से खदेड़कर पकड़ा गया। वहीं, तीसरा आरोपी पुलिस को चकमा देकर गांव के पास स्थित पहाड़ी जंगल की ओर भाग निकला।
तीसरे आरोपी को पकड़ने के लिए एसडीओपी सर ने तुरंत चार सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया, जिसमें प्रशिक्षु उपनिरीक्षक प्रदीप दीवान, आरक्षक जगजीवन कंवर, नारायण और दीपेंद्र कंवर शामिल थे।
सिविल ड्रेस और निजी वाहन का सहारा
जंगल में छिपे आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। रणनीति के तहत दो पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस (सादे कपड़ों) में और दो वर्दी में निजी वाहन से आरोपी की तलाश में निकले। पुलिस की इस चालाकी के कारण आरोपी को संभलने का मौका नहीं मिला और महज 3 घंटे के भीतर उसे भी पहाड़ी जंगल से धर दबोचा गया।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्यवाही पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल करा दिया गया है। पुलिस की इस त्वरित और सूझबूझ भरी कार्रवाई की इलाके में काफी तारीफ हो रही है।





















































