नई दिल्ली(एजेंसी):देश की शीर्ष अदालत ने पार्श्वनाथ ग्रुप के अटके प्रोजेक्ट्स पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि यदि उन्होंने 3000 परेशान घर खरीदारों की शिकायत का समाधान नहीं किया, तो उनकी सारी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी।
3000 खरीदार अधर में लटके
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। पार्श्वनाथ ग्रुप की ओर से सीनियर वकीलों की एक टीम जिरह कर रही थी। ग्रुप ने कोर्ट में दावा किया कि जो भी खरीदार अपना पैसा वापस पाना चाहते हैं, उन्हें ब्याज सहित निवेश की गई रकम वापस कर दी जाएगी।
इस पर याचिकाकर्तां की तरफ से पेश हुए वकील ने कहा कि पार्श्वनाथ ग्रुप ने हर प्रोजेक्ट के लिए एक नई कंपनी बनाई। उन्होंने कहा कि अभी भी 3000 खरीदार अधर में लटके हुए हैं। पार्श्वनाथ ग्रुप ने सफाई देते हुए कहा कि लगभग 27 हजार फ्लैट बनाए जाने थे, जिसमें 24 हजार बिक चुके हैं और 21 हजार पर कब्जा भी दिया जा चुका है।
अदालत ने जताई नाराजगी
अदालत ने कहा, ‘ग्रुप अलग-अलग प्रोजेक्ट्स के लिए अलग-अलग नामों का इस्तेमाल कर रहा है। हम जानते हैं कि वे कैसे घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं और सिस्टम को बेवकूफ बना रहे हैं।’
सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा, ‘अगले दो हफ्ते में अगर सभी 3000 घर खरीदारों की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो हम सारी संपत्ति फ्रीज कर देंगे और निर्माण पूरा करने और फ्लैट सौंपने की देखरेख के लिए घर खरीदारों की एक कमेटी बना देंगे।’
अकाउंट अनफ्रीज करने से इनकार
कोर्ट ने कहा कि अगर बिल्डर का प्रस्ताव पार्श्वनाथ और उसकी सहयोगी या सिस्टर कंपनियों के सभी घर खरीदारों की मांगों को पूरा नहीं करता है, तो अदालत को एक हाई-पावर्ड कमेटी बनानी पड़ेगी। बेंच ने पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और यूपी रेरा को बिल्डर पर बकाया रकम का विवरण देते हुए हलफनामा जमा करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने ग्रुप के किसी भी अकाउंड को अनफ्रीज करने से भी इनकार कर दिया है।





















































