कोरबा@M4S:अगर मन में कुछ करने का जज्बा हो तो कोई चुनौती आड़े नहीं आ सकती। मजदूर पुत्र ने अपनी कड़ी मेहनत और जज्बे से इस कथन को सच साबित कर दिखाया है। यूट्यूब से मुक्केबाजी के पैंतरे सीखकर अभ्यास के बूते उसने नेशनल प्रतियोगिता में गोल्डन पंच लगाकर जिले का नाम रोशन कर दिया है।
पंजाब में हुई केंद्रीय विद्यालय संगठन की राष्ट्रीय मुक्केबाजी स्पर्धा में केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 एनटीपीसी के खिलाड़ी देवेन्द्र कंवर ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया है। उसने पहली बार नेशनल खेला और यह गोल्डन पंच लगाया। बलगी निवासी देवेन्द्र के पिता रामायण सिंह कंवर पेशे से मजदूर हैं, जो मेहनत-मशक्कत कर कठिन हालातों में तीन बच्चों के परिवार की आजीविका चलाते हैं। दूसरी ओर यूट्यूब के वीडियो से तकनीकें सीख देवेन्द्र ने घर पर किए गए कड़े अभ्यास के जरिए नेशनल चैम्पियन का तमगा हासिल किया। मां द्रौपती कंवर ने बताया कि उनके पुत्र ने बहुत मेहनत की। उसका सपना आर्मी अफसर बनना है, जिसके लिए वह रोज सुबह 4 बजे उठकर लम्बी दौड़ लगाता है, फिर दिन के वक्त पढ़ाई और शाम को 2 से 3 घण्टे घर में ही अभ्यास करता है। समय-समय पर माता-पिता के साथ खेती में भी हाथ बंटाता है। एलपीयू यूनिवर्सिटी पंजाब में 22 से 25 जुलाई तक केविएस द्वारा विभिन्न इवेंट की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। मुक्केबाजी स्पर्धा के अंडर 17 आयु वर्ग में रायपुर रीजन का प्रतिनिधित्व करते हुए कोरबा के मुक्केबाज देवेन्द्र ने शानदार प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक जीतकर अपने परिवार, जिले और छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया। स्पर्धा में रायपुर रीजन की टीम का नेतृत्व कर रहे केवि-2 एनटीपीसी कोरबा के खेल शिक्षक अश्मित कुमार ने बताया कि देवेन्द्र मेहनती, अनुशासित और समर्पित खिलाड़ी है। उसकी निरंतर मेहनत, लगन और संघर्ष का ही परिणाम है कि उसने राष्ट्रीय स्तर पर यह स्वर्णिम सफलता हासिल की है। वह पढ़ाई में भी अच्छा है और 9वीं में उसने ए ग्रेड प्राप्त किया था। मां सुमेधा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता है। उसकी बड़ी बहन प्रियंका एमएससी अंतिम व छोटा भाई नमन 8वीं का छात्र है।
केंद्रीय विद्यालय के छात्र देवेन्द्र ने अंडर 17 केविएस नेशनल में जीता स्वर्ण
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