हाथियों से फसल नुकसान पर किसानों को बड़ी राहत चौपट फसल पर भी मिलेगा बीमा का लाभ

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कोरबा@M4S:हाथियों के उत्पात से हर साल फसल बर्बाद होने की मार झेलने वाले जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने हाथी प्रभावित जिलों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके तहत अब जंगली हाथियों द्वारा नष्ट की गई फसल भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दायरे में आएगी। इससे कोरबा सहित प्रदेश के हाथी प्रभावित क्षेत्रों के हजारों किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
जिले के कटघोरा, पाली, पोड़ी-उपरोड़ा, करतला और वनांचल से लगे दर्जनों गांवों में हर वर्ष हाथियों का दल खेतों में पहुंचकर धान समेत अन्य खरीफ फसलों को भारी नुकसान पहुंचाता है। कई बार पूरी फसल चौपट होने के बाद किसानों को केवल वन विभाग से सीमित राहत राशि मिलती थी, जो वास्तविक नुकसान की तुलना में काफी कम होती थी। लंबे समय से किसान संगठन और जनप्रतिनिधि हाथियों से होने वाले फसल नुकसान को भी फसल बीमा योजना में शामिल करने की मांग कर रहे थे। अब केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन लागू होने के बाद हाथियों द्वारा नष्ट की गई फसल का भी बीमा दावा किया जा सकेगा। इससे किसानों को प्राकृतिक आपदा के साथ-साथ वन्यजीवों से होने वाले नुकसान की भरपाई का भी लाभ मिलेगा। बीमा कंपनी नुकसान का आंकलन कर पात्र किसानों को मुआवजा देगी। इस समय खरीफ सीजन की रोपाई तेज गति से चल रही है। बारिश के साथ ही जंगलों से हाथियों की गतिविधियां भी बढ़ने लगी हैं। ऐसे में नई व्यवस्था किसानों के लिए किसी राहत से कम नहीं मानी जा रही है। कृषि विभाग का कहना है कि बीमा का लाभ लेने के लिए किसानों को तय प्रक्रिया का पालन करना होगा। नई गाइडलाइन के अनुसार यदि हाथियों के कारण फसल को नुकसान होता है तो किसान को घटना के 72 घंटे के भीतर इसकी सूचना कृषि विभाग, बीमा कंपनी, टोल फ्री नंबर या मोबाइल एप के माध्यम से देनी होगी। इसके बाद संबंधित विभाग और बीमा कंपनी की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का सर्वे करेगी। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर बीमा राशि स्वीकृत कर सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

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