पहली तिमाही में डीएसपीएम ने किया 957.24 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन  एचटीपीपी हासिल नहीं कर सकी टारगेट, प्रदर्शन रहा कमजोर

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कोरबा@M4S:पहली तिमाही में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी की कोरबा स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह (डीएसपीएम) ने रिकार्ड बिजली उत्पादन दर्ज किया है। संयंत्र ने तिमाही लक्ष्य से अधिक बिजली का उत्पादन किया है। दूसरी ओर जिले की एक अन्य संयंत्र एचटीपीपी ने अपेक्षाकृत निराशाजनक प्रदर्शन किया है।
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीजीसीएल) के ताप विद्युत संयंत्रों का वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में प्रदर्शन निर्धारित लक्ष्य की तुलना में कमजोर रहा है। हालांकि कंपनी के डीएसपीएम ने शानदार प्रदर्शन किया है। केन्द्रीय विद्युत प्राधिकारण (सीईए) द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार डीएसपीएम ने पहली तिमाही में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। संयंत्र ने 938 मिलियन यूनिट के लक्ष्य के मुकाबले 957.24 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन किया है। संयंत्र ने लक्ष्य का 102.05 प्रतिशत हासिल किया है। इस अवधि में संयंत्र का औसत प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) 87.66 प्रतिशत रहा है। इसके विपरित कोरबा पश्चिम ताप विद्युत गृह (एचटीपीपी) का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा है। संयंत्र ने 2396 मिलियन यूनिट लक्ष्य के मुकाबले 1772.05 मिलियन यूनिट उत्पादन किया, जो लक्ष्य का केवल 73.96 है। संयंत्र का औसत पीएलएफ 60.55 प्रतिशत दर्ज किया गया। दूसरी ओर कंपनी की जांजगीर चांपा जिला अन्तर्गत स्थित मड़वा ताप विद्युत परियोजना ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 1813 मिलियन यूनिट लक्ष्य के मुकाबले 1879.23 मिलियन यूनिट उत्पादन किया है, जो लक्ष्य का 103.65 प्रतिशत है। परियोजना का औसत पीएलएफ 86.05 रहा है। मड़वा व डीएसपीएम के शानदार प्रदर्शन के बावजूद एचटीपीपी के कमजोर उत्पादन ने कंपनी के प्रदर्शन को प्रभावित किया है। अगली तिमाही में संयंत्र से उत्पादन रफ्तार ने गति नहीं पकड़ी तो विद्युत उत्पादन का लक्ष्य हासिल करना जनरेशन कंपनी के लिए आसान नहीं होगा। सीईए द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार राज्य के ताप विद्युत संयंत्र निर्धारित उत्पादन लक्ष्य के 89.54 प्रतिशत ही हासिल कर सकें हैं। पिछले वर्ष की सामान अवधि की तुलना में प्रदर्शन में भी गिरावट दर्ज की गई है। अप्रैल से जून के दौरान सीएसपीजीसीएल के ताप विद्युत संयंत्रों के लिए 5147 मिलियन यूनिट उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके मुकाबले वास्तविक उत्पादन 4608.52 मिलियन यूनिट रहा, जो लक्ष्य से 538.48 मिलियन यूनिट कम है। पिछले वर्ष की समान अवधि में कंपनी ने 94.54 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया था।एचटीपीपी के राखड़ बांध क्षतिग्रस्त होने के कारण संयंत्र की कुछ इकाईयों से उत्पादन बंद करना पड़ा था। जिसकी वजह से संयंत्र का उत्पादन पहली तिमाही में कम हुआ है। संयंत्र की इकाई क्रमांक 3 और 4 को लंबे समय तक बंद रखा गया था। संयंत्र की तीन इकाईयों से ही उत्पादन हो रहा था। यही वजह है कि डीएसपीएम और मड़वा के बेहतरीन प्रदर्शन के बाद भी कंपनी का तिमाही उत्पादन लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है।

एनटीपीसी ने किया 90.49 प्रतिशत लक्ष्य हासिल
देश के प्रमुख ताप विद्युत संयंत्रों में शामिल एनटीपीसी का पहली तिमाही में प्रदर्शन निर्धारित लक्ष्य से कम रहा। सीईए की रिपोर्ट के अनुसार संयंत्र ने पहली तिमाही में 5,060 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन के लक्ष्य के मुकाबले 4,578.75 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया। यह निर्धारित लक्ष्य का 90.49 प्रतिशत है। पहली तिमाही का उत्पादन पिछले वर्ष की समान अवधि के 4,845.97 मिलियन यूनिट की तुलना में भी कम रहा। इस अवधि में संयंत्र का प्रदर्शन पिछले वर्ष के मुकाबले 94.49 प्रतिशत दर्ज किया गया।

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