कौन लड़ेगा सिया गोयल का केस? एफिडेविट पर किसने किए साइन, पुणे केस में नया कानूनी पेच

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मुंबई(एजेंसी):लोहागढ़ किले में हुई पुणे के रियल एस्टेट बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की हत्या का मामला एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। केतन अग्रवाल का केस जहां वकील उज्ज्वल निकम लड़ने वाले हैं। वहीं सिया गोयल का केस कौन लड़ेगा, इसे लेकर कानूनी पेच फंस गया है।

सिया गोयल की तरफ से पहले जो वकील केस लड़ रहे थे, उन्होंने ही सिया के भाई साहिल गोयल पर 10 करोड़ रुपये की मानहानि का केस कर दिया है।

कौन हैं सिया गोयल का असली वकील?

सिया गोयल की तरफ से केस लड़ने को लेकर पहले खबर सामने आई थी कि वकील आशुतोष श्रीवास्तव इस हाई-प्रोफाइल केस को लड़ेंगे। लेकिन सिया के भाई साहिल गोयल ने आशुतोष श्रीवास्तव को लेकर कई बातें कहीं और बताया कि इस केस के बारे में उन्हें आशुतोष श्रीवास्तव की तरफ से कोई जानकारी नहीं मिल रही है।

इस मामले में अब नया मोड़ सामने आया है कि आशुतोष श्रीवास्तव मानहानि के लिए सिया के भाई साहिल गोयल को 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग करते हुए एक कानूनी नोटिस भेजा है।

कौन हैं वकील आशुतोष श्रीवास्तव?

आशुतोष श्रीवास्तव पुणे के ही रहने वाले हैं। उन्होंने कंपनी कानून, सिविल, आपराधिक, पारिवारिक, संपत्ति, मध्यस्थता, अनुपालन और कई अन्य मामलों पर कई केस लड़े हैं। ये जानकारी उनके मेटा (Facebook) अकाउंट पर दी गई है।

आशुतोष श्रीवास्तव ने मीडिया के सामने आकर कई बार दावा किया कि वही सिया गोयल का केस लड़ रहे हैं और उन्होंने केस लड़ने के लिए सभी जरूरी दस्तावेज भी कोर्ट में जमा कर दिए हैं। उन्होंने आरोपी की ओर से पेश होने के लिए कोर्ट द्वारा उनकी नियुक्ति को मंजूरी दिए जाने का हवाला भी दिया।

न्यूज एजेंसी IANS से बात करते हुए आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा, ‘यह पहले से ही रिकॉर्ड पर है। मैंने पहले भी इसका जिक्र किया था और आज फिर कह रहा हूं कि इसे पहले ही जमा किया जा चुका है और यह रिकॉर्ड पर है।’

आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा, ‘किसी भी व्यक्ति को कानूनी नोटिस भेजने का अधिकार है अगर उन्हें लगता है कि उनकी प्रतिष्ठा को गलत तरीके से नुकसान पहुंचाया गया है, झूठी अफवाहें फैलाई गई हैं या उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई है।’

वकील ने आगे कहा, ‘हमारा मानना है कि यह स्पष्ट रूप से मानहानि का मामला है, इसीलिए हमने नोटिस भेजा है। अगर वह इसका पालन नहीं करते हैं, सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं और हमें लिखित जवाब नहीं देते हैं तो हम कानून के तहत उपलब्ध हर कानूनी कार्रवाई करेंगे।’

श्रीवास्तव के अनुसार, सिया बालिग हैं और उन्होंने 25 जून को स्वतंत्र रूप से वकालतनामा पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें उन्हें और उनके सहयोगियों को मजिस्ट्रेट कोर्ट और बॉम्बे हाई कोर्ट में उनका पक्ष रखने के लिए अधिकृत किया गया था और उन दस्तावेजों को रिकॉर्ड पर स्वीकार कर लिया गया था।

सिया के भाई ने कहा- ये हमारा वकील नहीं

इससे पहले सोमवार को सिया के भाई साहिल गोयल ने कहा था कि परिवार ने कभी भी आशुतोष श्रीवास्तव को काम पर नहीं रखा था और उन्हें वकील के दावों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

साहिल ने पत्रकारों से कहा, ‘हमने उन्हें कभी हायर नहीं किया और न ही वे हमारे परिवार की तरफ से नियुक्त किए गए व्यक्ति हैं। वे जो दावा कर रहे हैं, उसके बारे में मुझे कुछ नहीं पता।’

सिया गोयल की तरफ से प्रतिनिधित्व का मुद्दा एक सार्वजनिक विवाद बन गया है, जिसमें वकील विपुल दुशिंग ने भी दावा किया है कि सिया गोयल के परिवार ने उन्हें सिया का पक्ष रखने के लिए नियुक्त किया था।

दुशिंग ने पहले कहा था कि रिमांड की पिछली सुनवाई के दौरान, सिया ने मजिस्ट्रेट को बताया था कि वही अकेले उनका पक्ष रख रहे थे।

केतन अग्रवाल की 18 जून को मौत हो गई थी, लेकिन हत्या के शक में 23 जून को केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

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