नई दिल्ली(एजेंसी):भारत में सड़कों पर जितने भी वाहनों को चलाया जाता है उन सभी को राइट हैंड ड्राइव रखा जाता है। लेकिन हॉलीवुड की फिल्मों से लेकर सोशल मीडिया पर अमेरिका में चलने वाले वाहनों को लेफ्ट हैंड ड्राइव के साथ दिखाया जाता है। किस कारण से दोनों देशों में अलग अलग दिशा में वाहन चलाए जाते हैं। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।
भारत में क्या है व्यवस्था
भारत में कार, टैक्सी, बस, ट्रक या अन्य वाहनों को जब सड़क पर चलाया जाता है तो वह राइट हैंड साइड से चलाए जाते हैं। देश में लेफ्ट हैंड ड्राइव वाहनों को चलाने की अनुमति नहीं दी जाती है।
अमेरिका में क्या है व्यवस्था
भारत के उलट अमेरिका में सभी तरह के वाहनों को सिर्फ लेफ्ट हैंड ड्राइव तरीके से ही चलाया जाता है। दोनों देशों के बीच इस तरह का अंतर काफी पुरानी सोच का नतीजा है।
क्या है कारण
भारत 1947 में ब्रिटेन से आजाद हुआ था। उससे पहले करीब 200 सालों तक ब्रिटेन ने भारत पर शासन किया था। इस दौरान ही दुनियाभर में कारों का चलन शुरू हुआ था और देश में भी अंग्रेजों ने राइट हैंड ड्राइव व्यवस्था को शुरू किया था। इसके पहले भारत में जब यातायात के लिए घोड़ों का उपयोग किया जाता था तो उनको बाईं ओर चलाया जाता था, जिससे सवार का दायां हाथ खाली रहे और जरुरत पड़ने पर वह आसानी से तलवार का उपयोग कर पाए।
वहीं दूसरी ओर अमेरिका ने भी जब ब्रिटिश हुकूमत और उनके नियमों को अपनाने की जगह उनका विरोध किया तो वहां पर लोगों ने फ्रांस के राजा नेपोलियन बोनापार्ट का ही अनुसरण किया और अपने वाहनों को सड़क के बाईं ओर चलन के नियम को लागू किया।
नेपोलियन बोनापार्ट ने क्यों दिया था आदेश
जानकारी के मुताबिक फ्रांस के राज नेपोलियन बोनापार्ट खुद लेफ्ट हैंडर थे। वह अपने सभी काम अपने बाएं हाथ से करते थे। इसलिए उन्होंने अपनी सेनो को भी सड़क के दाईं ओर चलने का हुक्म दिया था। इसके बाद अमेरिका में जब ब्रिटेन का विरोध शुरू हुआ तो वहां पर भी फ्रांस के ही नियम को अपनाया गया था।
फोर्ड ने भी दिया योगदान
वाहन निर्माता फोर्ड को शुरू करने वाले हेनरी फोर्ड ने भी 1908 में जब Model T कार को लॉन्च किया था। तब उस कार को भी लेफ्ट हैंड ड्राइव बनाया गया था, जिसके बाद पूरे अमेरिका में लोग लेफ्ट हैंड ड्राइव कार चलाने लगे।






