16 हजार से अधिक बच्चों एवं नागरिकों ने ली समपार सुरक्षा की शपथ

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अंतरराष्ट्रीय समपार जागरूकता सप्ताह के तीसरे दिन बिलासपुर मंडल में व्यापक जनभागीदारी
बिलासपुर@M4S:अंतरराष्ट्रीय समपार जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर मंडल द्वारा चलाए जा रहे विशेष जन-जागरूकता अभियान को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हो रहा है। अभियान के तीसरे दिन आज मंडल के विभिन्न जिलों में स्थित विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सामाजिक संगठनों में बड़े पैमाने पर समपार सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस अवसर पर बिलासपुर, जांजगीर-चांपा,सक्ती,रायगढ़,कोरबा,सुंदरगढ़, पेंड्रा-मरवाही, कोरिया-मनेन्द्रगढ़-भरतपुर,सूरजपुर,बलरामपुर,अंबिकापुर,अनूपपुर, शहडोल, उमरिया एवं कटनी जिलों के 42 विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विभिन्न संगठनों में लगभग 16,000 विद्यार्थियों एवं नागरिकों को समपार सुरक्षा की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों, वाहन चालकों एवं आम नागरिकों को रेलवे समपारों पर सुरक्षित व्यवहार अपनाने, चेतावनी संकेतों का पालन करने तथा बंद समपार फाटक को पार करने का प्रयास न करने के संबंध में जागरूक किया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि रेलवे समपारों पर होने वाली अधिकांश दुर्घटनाएँ मानवीय लापरवाही का परिणाम होती हैं, जिन्हें जागरूकता, धैर्य एवं नियमों के पालन से रोका जा सकता है।
अभियान के दौरान उपस्थित जनसमुदाय ने यह संकल्प लिया कि वे स्वयं समपार सुरक्षा नियमों का पालन करेंगे तथा अपने परिवार, मित्रों एवं समाज को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे। विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए सुरक्षित समपार उपयोग का संदेश जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
बिलासपुर मंडल द्वारा सप्ताह भर चलने वाले इस अभियान के अंतर्गत समपार फाटकों, शैक्षणिक संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर जनसंवाद, ग्राम संपर्क, सुरक्षा शपथ, नुक्कड़ नाटक, रैलियों एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य नागरिकों में सुरक्षा संस्कृति को विकसित करना तथा समपार दुर्घटनाओं को शून्य की दिशा में ले जाना है।
मंडल प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि रेलवे समपारों पर प्रदर्शित सुरक्षा संकेतों का पालन करें, जल्दबाजी से बचें तथा सुरक्षित रेल एवं सड़क यातायात व्यवस्था के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाएँ।
“एक क्षण की सावधानी, जीवन भर की सुरक्षा”
“रुकिए – देखिए – सुनिए – और सुरक्षित पार कीजिए”

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