बीजिंग(एजेंसी):चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग सोमवार को उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग पहुंचे। चीनी समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, वह वहां उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस बैठक के दौरान दोनों नेता दोनों पड़ोसी देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही दोस्ती की पुष्टि करेंगे और द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाने का संकल्प लेंगे।
शी चिनफिंग का यह दौरा प्योंगयांग और मास्को के बीच बढ़ते सैन्य संबंधों के बीच हो रहा है। गौरतलब है कि साल 2024 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्योंगयांग दौरे के दौरान उत्तर कोरिया और रूस ने एक पारस्परिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच यह दौरा
चीनी राष्ट्रपति की यह उत्तर कोरिया यात्रा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की चीन की यात्रा के ठीक बाद हो रही है। इसके साथ ही यह दौरा चीन के उस दावे के बीच हो रहा है जिसमें उसने जापान पर नए सैन्यवाद की नीति अपनाने का आरोप लगाया है, हालांकि टोक्यो ने इस दावे को खारिज कर दिया है।
शी चिनफिंग किम जोंग-उन के निमंत्रण पर दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। इसे किम जोंग-उन की पिछली चीन यात्रा के बदले में की गई यात्रा के रूप में देखा जा रहा है। किम जोंग-उन सितंबर 2025 में द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित सैन्य परेड में शामिल होने बीजिंग गए थे, जहाँ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी मौजूद थे।
हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर कोरिया के शासक और वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के महासचिव किम जोंग-उन और उनकी पत्नी री सोल जू ने हवाई अड्डे पर शी चिनफिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का स्वागत किया। विमान से उतरने के बाद शी चिनफिंग और किम जोंग-उन ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया।
इस यात्रा में शी चिनफिंग के साथ उनकी पत्नी पेंग लियुआन के अलावा कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के सामान्य कार्यालय के निदेशक काई क्यूई और विदेश मंत्री वांग यी भी शामिल हैं।
दोनों देशों के बीच भविष्य की रणनीतिक दिशा
उत्तर कोरियाई नेताओं के साथ बैठक से पहले, उत्तर कोरिया के आधिकारिक समाचार पत्र रोडोंग सिनमुन में प्रकाशित एक हस्ताक्षरित लेख में शी चिनफिंग ने कहा कि वर्तमान में चीन और उत्तर कोरिया के संबंध एक नए ऐतिहासिक मोड़ पर हैं, जो विकास के नए अवसरों और समय के नए मिशनों का सामना कर रहे हैं।
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के महासचिव शी चिनफिंग ने कहा कि चीन रणनीतिक दृष्टिकोण से द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने, चीन-डीपीआरके संबंधों को समय के अनुरूप बनाए रखने और इस रिश्ते का अधिक विकास हासिल करने के लिए उत्तर कोरिया के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है। उन्होंने आगे लिखा कि दोनों पक्षों को रणनीतिक संचार को गहरा करना चाहिए और चीन-उत्तर कोरिया संबंधों को मजबूती से सही दिशा में ले जाना चाहिए।
यह वर्ष चीन-उत्तर कोरिया मित्रता, सहयोग और पारस्परिक सहायता संधि की 65वीं वर्षगांठ भी है। शी चिनफिंग ने कहा कि इस अवसर का उपयोग सभी स्तरों पर और पार्टी, सरकार तथा सैन्य संस्थानों में आदान-प्रदान को मजबूत करने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने सैन्यवाद को पुनर्जीवित करने और क्षेत्रीय सुरक्षा को कमजोर करने की किसी भी योजना या कार्रवाई को खारिज करने की बात कही।
परमाणु दर्जे पर उत्तर कोरिया का कड़ा रुख
इस बीच, उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन और सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की केंद्रीय समिति की विभाग निदेशक किम यो जोंग ने एक कड़ा बयान जारी किया है। कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी द्वारा जारी और योनहाप द्वारा उद्धृत बयान में उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु संपन्न देश के दर्जे पर कोई चर्चा करने की योजना नहीं बना रहा है, क्योंकि वह इसे पूरी तरह से अपरिवर्तनीय मानता है।
किम यो जोंग ने अमेरिकी अधिकारियों के उन दावों को निराधार झूठ और पूरी तरह से मनगढ़ंत बताकर खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि पिछले महीने चीनी-अमेरिकी शिखर सम्मेलन में उत्तर कोरिया के पूर्ण विमुद्रीकरण के लक्ष्य पर सहमति बनी थी।
विगत दिनों योनहाप की खबरों के अनुसार, उत्तर कोरिया ने उन्नत मिसाइल प्रणालियों एक नई बहुउद्देश्यीय मिसाइल लॉन्चिंग प्रणाली और एक मल्टीपल टैक्टिकल क्रूज मिसाइल हथियार प्रणाली का परीक्षण करने की बात भी कही थी।






