नई दिल्ली(एजेंसी):NEET और JEE एन्ट्रेंस एग्जाम के पैटर्न में बड़ा बदलाव हो सकता है। एंट्रेंस एग्जाम के स्कोर पर में बोर्ड एग्जाम में मिले नंबरों को 50% वेटेज दिया जा सकता है। अभी इस फैसले पर विचार किया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, इस संभावना पर इसलिए विचार किया जा रहा है ताकि किसी भी एग्जाम का बहुत ज्यादा दबाव कम किया जा सके, चाहे वह मेडिकल और इंजीनियरिंग एडमिशन के लिए एंट्रेंस टेस्ट हों या बोर्ड एग्जाम।
यह कदम एग्जाम सिस्टम में कई गड़बड़ियों जैसे मूल्यांकन में गलतियां और पेपर लीक होने के बाद उठाया जा रहा है, जिससे प्रवेश परीक्षा के तरीके पर सवाल खड़े कर दिए थे।
बदल सकता है NEET-JEE का एग्जाम पैटर्न
NEET-JEE के एग्जाम पैटर्न में जिन बदलावों पर विचार किया जा रहा है, उनमें एडमिशन/मेरिट में बोर्ड के मार्क्स को 50% वेटेज देना, कोचिंग सेंटरों पर निर्भरता कम करने के लिए एंट्रेंस टेस्ट को स्कूल के सिलेबस से बेहतर ढंग से जोड़ना शामिल है।
इसके साथ ही कई बार एग्जाम देने का मौका देना और धीरे-धीरे अडैप्टिव ऑन-डिमांड कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट की ओर बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है।
अभी कैसे होता है एग्जाम?
मेडिकल और इंजीनियरिंग में एडमिशन एंट्रेंस टेस्ट मौजूदा समय में स्कोर के आधार पर होते हैं और एंट्रेंस एग्जाम के लिए योग्य होने के लिए उम्मीदवारों को बोर्ड एग्जाम में एक निश्चित प्रतिशत अंक लाने होते हैं।
शिक्षा मंत्रालय की नौ-सदस्यीय समिति इन सुधारों पर विचार कर रही है। इस समिति का गठन पिछले साल छात्रों की कोचिंग पर निर्भरता कम करने के लिए, डमी स्कूलों के प्रसार और अहम एंट्रेंस टेस्ट में निष्पक्षता की जांच करने के लिए किया गया था।
शिक्षा मंत्रालय के पैनल की अंतिम रिपोर्ट आने वाले हफ्तों में सरकार को सौंपी जा सकती है। समिति ने एंट्रेंस टेस्ट को स्कूल के सिलेबस से बेहतर ढंग से जोड़ने की भी सिफारिश की है।







