पटना(एजेंसी):बिहार की राजनीति में एक दिलचस्प परंपरा वर्षों से कायम है। राज्य में कर्पूरी ठाकुर को छोड़कर कोई भी उप मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री की कुर्सी तक नहीं पहुंच सका है।
अब चर्चा तेज है कि सम्राट चौधरी इस रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं। मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में सीएम पद की रेस में उनका नाम सबसे आगे बताया जा रहा है।
उनके आवास पर भाजपा के बड़े नेताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि सम्राट चौधरी ही बिहार के नए मुख्यमंत्री बनेंगे।
कौन हैं सम्राट चौधरी?
बिहार सरकार में मंत्री रहे शकुनी चौधरी के बेटे स1म्राट चौधरी 1990 में राजनीति में सक्रिय हुए। वे 1999 में राबड़ी देवी सरकार में मंत्री बनाए गए थे।
हालांकि उम्र विवाद के कारण उन्हें पद छोड़ना पड़ा था। इसके बाद 200 एवं 2010 में वे परबत्ता से विधायक चुने गए। 2014 में बिहार सरकार में मंत्री भी रहे।
2018 में वे राजद छोड़कर भाजपा में आए। इसके बाद उनका कद बढ़ता गया। प्रदेश अध्यक्ष, मंत्री से लेकर वे डिप्टी सीएम की कुर्सी तक पहुंचे और अब बिहार में भाजपा का इतिहास बनाएंगे।
अब तक क्या कहता है रिकॉर्ड
राज्य में अब तक अलग-अलग दलों ने 10 नेताओं को उप मुख्यमंत्री बनाया, लेकिन जननायक कर्पूरी ठाकुर ही एकमात्र ऐसे नेता रहे, जो इस पद से आगे बढ़कर मुख्यमंत्री बने।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह सिलसिला 1957 से शुरू हुआ था। उसी वर्ष श्रीकृष्ण सिंह की सरकार में सत्ता संतुलन के लिए अनुग्रह नारायण सिन्हा को पहली बार उप मुख्यमंत्री बनाया गया था।
नीतीश के दौर में सबसे ज्यादा डिप्टी सीएम
सबसे ज्यादा सात उप मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में बने। इस सूची में सुशील कुमार मोदी, तारकिशोर प्रसाद, रेणु देवी, सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा जैसे नाम शामिल हैं।
इसके अलावा तेजस्वी यादव भी इस पद पर रह चुके हैं।
क्यों नहीं बन पाते डिप्टी सीएम से सीएम?
विश्लेषकों की मानें तो बिहार में सत्ता का केंद्र हमेशा मुख्यमंत्री के इर्द-गिर्द ही रहा है। उप मुख्यमंत्री का पद अधिकतर सत्ता संतुलन और जातीय समीकरण साधने का माध्यम रहा है, न कि भविष्य के नेतृत्व को तैयार करने का मंच।
क्या इस बार कोई डिप्टी सीएम कर्पूरी ठाकुर का रिकॉर्ड तोड़ पाएगा, या फिर बिहार की राजनीति में यह परंपरा एक बार फिर कायम रहेगी?
रिकॉर्ड पर एक नजर
- बिहार में अब तक 10 उप मुख्यमंत्री बने
- केवल कर्पूरी ठाकुर ही बने मुख्यमंत्री
- सबसे लंबा कार्यकाल: सुशील कुमार मोदी (2005–2013)





































