नई दिल्ली(एजेंसी):नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की चार्जशीट में कई बड़े खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के तीन विषय विशेषज्ञ ही प्रश्नपत्र लीक के प्राइमरी सोर्स थे।
चार्जशीट के अनुसार, इन विशेषज्ञों ने गोपनीय प्रश्न तैयार करने और अनुवाद की प्रक्रिया के दौरान परीक्षा सामग्री बाहर निकाली और उसे बिचौलियों के माध्यम से अभ्यर्थियों तक पहुंचाया। यदि आरोप साबित होते हैं तो आरोपितों को आजीवन कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
डिजिटल फोरेंसिक बना जांच का सबसे बड़ा आधार
सीबीआई के आरोपपत्र में डिजिटल फोरेंसिक को जांच का अहम आधार बनाया गया है। जांच एजेंसी ने एनटीए विशेषज्ञ पीवी कुलकर्णी की पुणे स्थित सोसायटी के एक्सेस-कंट्रोल ऐप, छात्रों की एंट्री के बायोमेट्रिक रिकॉर्ड, मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन डाटा का मिलान कर यह पता लगाया कि परीक्षा से पहले किन अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों की विशेष कक्षाओं के लिए वहां आवाजाही हुई थी।
एक्सेस कंट्रोल ऐप से सामने आया छात्रों का रिकॉर्ड
जांच के अनुसार, कुलकर्णी की सोसायटी में आने-जाने वालों की एंट्री दर्ज करने वाले ऐप के रिकॉर्ड से अप्रैल में वहां पहुंचे छात्रों और अभिभावकों की मौजूदगी पता लगाई गई।
इन रिकॉर्ड का संबंधित मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और लोकेशन विश्लेषण से भी मिलान किया गया। सीबीआई का कहना है कि यह डिजिटल ट्रेल विशेष कोचिंग कक्षाओं और पेपर लीक की पूरी कड़ी जोड़ने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
तीन विषय विशेषज्ञों पर पेपर लीक का आरोप
सीबीआई के मुताबिक, एनटीए के विषय विशेषज्ञ पीवी कुलकर्णी, मनीषा गुरुनाथ मांधरे और मनीषा संजय हवलदार प्रश्नपत्र लीक के प्राथमिक स्रोत थे।
आरोप है कि तीनों ने प्रश्नपत्र तैयार करने और उसके अनुवाद की प्रक्रिया के दौरान गोपनीय सामग्री बाहर निकाली और बाद में उसे बिचौलियों तथा अभ्यर्थियों तक पहुंचाया।
रफ पेपर पर लिखे 135 सवाल, फिर बाहर ले गए
चार्जशीट के अनुसार, केमिस्ट्री विशेषज्ञ पीवी कुलकर्णी ने गोपनीय सेक्शन में रफ वर्क के लिए उपलब्ध कराए गए सादे कागजों का इस्तेमाल कर केमिस्ट्री के सभी 135 प्रश्न और उनके विकल्प छोटे-छोटे कागजों पर संक्षिप्त रूप में लिखे।
आरोप है कि इन चिटों को छिपाकर वह गोपनीय परिसर से बाहर ले गए। आसान प्रश्नों को वह याद कर लेते थे और होटल लौटने के बाद उन्हें दोबारा लिखते थे।








