नई दिल्ली(एजेंसी):बॉलीवुड में टैलेंटेड संगीतकारों की कमी नहीं है और अगर बात 80-90s की हो तो यह बात और भी ज्यादा सच लगती है। क्योंकि 1981 में एक ऐसा गाना बना जिसमें कोई दूसरे लिरिक्स नहीं बल्कि 30 से ज्यादा फिल्मों के नाम थे। है ना दिलचस्प, आइए जानते हैं कौन सा है ये गाना और क्या है इसके पीछे की कहानी?
इन फिल्मों के नामों से बना ये गाना
इस गाने में कई मशहूर फिल्मों के टाइटल को इस्तेमाल करके एक मेलोडियस धुन में एक साथ पिरोया गया। जिसे लोगों ने खूब पसंद किया। इस गाने में सत्यम शिवम सुंदरम, हरे रामा हरे कृष्णा, खूबसूरत, जिद्दी पड़ोसन, चार सौ बीस, आवारा, दिल तो है, जॉनी मेरा नाम, राम और श्याम, बेशरम, जवानी दीवानी, ये रास्ते हैं प्यार के, मेरे हमसफर, दीवाना मस्ताना, लोफर जैसी फिल्मों के नाम शामिल हैं।
क्या है इसके पीछे की दिलचस्प कहानी
जितना दिलचस्प ये गाना है उतनी ही दिलचस्प इसके पीछे की कहानी है। दरअसल कमल हासन साउथ सिनेमा से थे और उन्हें हिंदी समझने में दिक्कत होती थी और इस तरह इस गाने का आइडिया आया। आनंद बख्शी ने पुरानी हिंदी फिल्मों के टाइटल को मिलाकर इसे बनाया ताकि कमल हासन अपने प्यार का इजहार कर सके। गाने में कमल हासन का किरदार हिंदी ना आने की मजबूरी में वे फिल्मों के नामों से अपने प्यार का इजहार करते हैं।
कौन सा है ये गाना
ये गाना है फिल्म एक दूजे के लिए (Ek Duuje Ke Liye) का जिसका टाइटल है मेरे जीवन साथी (Mere Jeevan saathi), इस गीत को कमल हासन और रति अग्निहोत्री पर फिल्माया गया है। इस रोमांटिक गीत को एस पी बाला सुब्रह्मण्यम, अनुराधा पौडवाल ने गाया और इसके लिरिक्स आनंद बख्शी ने लिखे थे वहीं इसका संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने दिया था।






