नई दिल्ली(एजेंसी):वेनेजुएला की राजधानी काराकास में शनिवार, 3 जनवरी की रात एक के बाद एक कई धमाके हुए। राजधानी में एयरक्राफ्ट की तेज आवाजें भी सुनी गईं। वेनेजुएला सरकार ने इस संबंध में तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, काराकास में हुए इन हमलों को देखते हुए और एयरक्राफ्ट की आवाज सुनकर कई लोग घरों पर बाहर निकल आए। वेनेजुएला पर इस हमले में अमेरिका का हाथ है। रॉयटर्स से बात करते हुए एक अमेरिकी अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है।
Footage from a vantage point over the city, showing multiple explosions across the Venezuelan capital of Caracas. pic.twitter.com/yzymxK6kib
— OSINTdefender (@sentdefender) January 3, 2026
वेनेजुएला में हमलों का अमेरिका से कनेक्शन
रॉयटर्स से बातचीत में एक अमेरिकी अधिकारी ने अपनी पहचान को गुप्त रखते हुए बताया कि अमेरिका, वेनेजुएला पर हमला कर रहा है। अधिकारी ने इस मामले में और अधिक जानकारी साझा नहीं की। अमेरिका के इस हमले के बाद पूरे वेनेजुएला में इमरजेंसी लगा दी गई है।
वेनेजुएला में ये धमाके ऐसे समय हुए हैं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोमवार, 29 दिसंबर को वेनेजुएला के खिलाफ जमीनी हमले की आशंका जताई। डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने वेनेजुएला की ड्रग नौकाओं के डॉकिंग क्षेत्र पर हमला कर उसे नष्ट कर दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के दावे के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने सोमवार के हमले की न तो पुष्टि की और न ही खंडन किया। लेकिन गुरुवार, 1 जनवरी को निकोलस मादुरो ने कहा कि अमेरिकी सैन्य दबाव के हफ्तों बाद वे वॉशिंगटन के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं।
Multiple secondary explosions seen, while flames and smoke emanate from the Port of Caracas in Venezuela. pic.twitter.com/R8OJ4CsdHO
— OSINTdefender (@sentdefender) January 3, 2026
वेनेजुएला के पास तेल का भंडार
वेनेजुएला के राष्ट्रपति ने दावा किया कि वॉशिंगटन से उन्हें सत्ता से हटाने की कोशिश की जा रही है, क्योंकि वेनेजुएला के पास पृथ्वी पर तेल का सबसे बड़ा ज्ञात भंडार है।
डोनल्ड ट्रंप बीते कई हफ्तों से वेनेजुएला में मादक पदार्थों के गिरोहों पर जमीनी हमले की धमकी दे रहे हैं और कह रहे हैं कि ये हमले जल्द ही शुरू होंगे, जिसका पहला स्पष्ट उदाहरण सोमवार को देखने को मिला।
अमेरिकी सेना ने सितंबर से कैरेबियन सागर और पूर्वी प्रशांत महासागर में नौकाओं पर एक के बाद एक कई हमले किए हैं, जिनका निशाना वे लोग बने, जिन्हें अमेरिका मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले बता रहा है।
हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने इस बात का कोई सबूत नहीं दिया है कि वह नौकाएं मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल थीं, जिससे इस अभियान की वैधता पर बहस छिड़ गई है।





































