तहसीलदार ने जल्द सर्वे का दिया आश्वाशन
कोरबा@M4S: एसईसीएल के बल्गी सुराकछार खदान के भूधसान से प्रभावित किसानों को विगत तीन वर्षों का फसल क्षतिपूर्ति मुआवजा देने के साथ जमीन को पुनः कृषि कार्य करने योग्य बनाने की मांग को लेकर प्रभावित किसानों ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेतृत्व में कटघोरा एसडीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। घेराव से पूर्व ही कटघोरा तहसीलदार प्रभावितों की बात सुनने प्रदर्शन स्थल पहुंचे और प्रभावित किसानों की समस्या को सुना। जिसके बाद माकपा प्रतिनिधिमंडल ने समस्या का जल्द समाधान की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा जिसपर कटघोरा तहसीलदार ने उच्च अधिकारियों से चर्चा कर जल्द समस्या के समाधान का आश्वाशन दिया जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने कहा कि बलगी कोयला खदान की डि-पिल्लरिंग के कारण सुराकछार बस्ती के किसानों की सैकड़ों हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि भू-धसान के कारण पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। भूमि में दरारें इतनी गहरी है कि वह पूरी तरह तालाब, झील और खाई में तब्दील हो चुकी है। अब इस जमीन में किसान कोई भी कृषि कार्य नहीं कर पा रहे हैं। इसके एवज में एसईसीएल हर साल किसानों को मुआवजा देता रहा है, लेकिन पिछले तीन सालों में हुए नुकसान का आंकलन कर मुआवजे का भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं होने से भूधसान प्रभावित किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और फसल नुकसान का आंकलन राजस्व विभाग को करना है इसलिए माकपा लगातार कई बार ज्ञापन सौंपकर कटघोरा एसडीएम से भूधसान से प्रभावित किसानों को क्षतिपूर्ति मुआवजा दिलाने की मांग करते आ रही है लेकिन इस मामले में एक इंच भी प्रगति नहीं हुई है। और अब किसानों के पास संघर्ष के अलावे कोई रास्ता नहीं बचा है। एक ओर बढ़ती मंहगाई में गरीब किसानों का जीना मुश्किल है तो दूसरी ओर जिन माध्यमों से किसानों तक कुछ राहत पहुंचाई जा सकती है उसे भी प्रशासन गंभीरता से नहीं ले रही है। माकपा नेताओ ने कहा कि किसानों को जल्द क्षति पूर्ति मुआवजा नहीं मिला तो आगे और उग्र आंदोलन करेंगे।
किसान सभा के जिला सचिव दीपक साहू ने कहा कि जिला प्रशासन और एसईसीएल ने भू धसान के कारण कृषि योग्य जमीन जिसपर किसान कई पीढ़ी से खेती किसानी करते आ रहे हैं जो खराब हो गई है उसे समतलीकरण कर खेती करने योग्य बनाने का आश्वाशन दिया था लेकिन उसे एक दशक से भी ज्यादा समय होने के बाद भी ठीक नहीं किया गया है जिससे किसानों की बची हुई जमीन को भी नुकसान हो रहा है।
प्रभावित किसान गणेश राम चौहान ने बताया कि बल्गी सुराकछार खदान के भूधसान के कारण सुराकछार बस्ती के किसानों की भूमि वर्ष 2009 से कृषि कार्य करने योग्य नहीं रह गई है। इससे किसानों को हुए भारी नुकसान को देखते हुए वर्ष 2022-2023 तक का फसल क्षतिपूर्ति व मुआवजा एसईसीएल प्रबंधन को देना पड़ा है।लेकिन इसके बाद वर्ष 2023-24 से वर्ष 2025-26 तक का तीन वर्षों का मुआवजा अभी तक लंबित है। कई बार कटघोरा एसडीएम को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा गया और फसल क्षतिपूर्ति का मुआवजा आंकलन तैयार करने की मांग की गई लेकिन किसानों की समस्या को लेकर जिला प्रशासन का राजस्व विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है इसलिए अब मजबूर होकर आंदोलन करने के लिए बाध्य हुए है आगे समस्या का समाधान नहीं होता दिखेगा तो कलेक्टर कार्यालय के सामने भी प्रदर्शन करेंगे।
किसानों की समस्याओं के प्रति राजस्व विभाग,जिला प्रशासन और एसईसीएल की उदासीनता और उसकी वादाखिलाफी के खिलाफ अक्रोशित प्रदर्शन में किसान सभा के दामोदर श्याम,रेशम यादव,रमेश,सोनू, के साथ प्रभावित गणेश राम चौहान,सत्यपाल सिंह,सत्यानंद,इंजोर सिंह,मोहर दास, कन्हई,राकेश,सत्यपाल,सावित्री चौहान,रमा, लक्ष्मीन बाई,मिथला बाई,तुलसी बाई के साथ बड़ी संख्या में प्रभावित किसान उपस्थित थे।






