UPI के दस साल… 10 Points में जानिए कैसे बना डिजिटल पेमेंट का किंग

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नई दिल्ली(एजेंसी):आज का दौर डिजिटल क्रांति का दौर है। इस क्रांति में सबसे अहम योगदान यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी कि UPI का है। UPI अब हमारे जीवन का अहम हिसा बन चुका है। आज 25 अगस्त को UPI शुरू हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं।

रेहड़ी पर सब्जी बेचने वाले से लेकर फाइव स्टार होटलों तक सब जगह UPI से पेमेंट लिए जा रहा हैं। पिछले 10 सालों में इसकी पहुंच भारत तक सिमित नहीं रही बल्कि अब विदेशों में भी इस सेवा का इस्तेमाल कर रहे हैं।

इसके लॉन्च के 10 साल पूरे होने पर, मोदी ने कहा कि UPI ने जो पैमाना और पहुंच हासिल की है, वह हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। उन्होंने लोगों से अपने अनुभव साझा करने को कहा कि कैसे इस डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म ने उनके जीवन पर असर डाला है।

मोदी ने एक्स पर पर लिखा, ‘एक दशक पहले UPI शुरू किया गया था, जो भारत की डिजिटल पेमेंट यात्रा में एक बड़ा मोड़ साबित हुआ। UPI का पैमाना और पहुंच ऐसी है जिस पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए।’

10 सालों में कितना बढ़ा ट्रांजैक्शन ?

UPI को 25 अगस्त 2016 को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की देखरेख में नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने लॉन्च किया था। तब से यह भुगतान प्रणाली भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम का एक अहम हिस्सा बन गया।

पिछले 10 सालों में UPI के जरिए होने वाले ट्रांजैक्शन की संख्या और उनकी वैल्यू दोनों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। सालाना ट्रांजैक्शन 2016-17 में 1.78 करोड़ से बढ़कर 2025-26 में 24,162 करोड़ से ज्यादा हो गया, जो लगभग 13000 गुना बढ़ोतरी है।

इसी दौरान, ट्रांजैक्शन की वैल्यू 0.07 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 314 लाख करोड़ रुपये हो गई, जो 4000 गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी है।

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का मुख्य हिस्सा बना UPI

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह प्लेटफ़ॉर्म भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के सबसे अहम हिस्सों में से एक के तौर पर उभरा है।

यह एक ऐसा इंटरऑपरेबल, रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम देता है जो एक ही एप के जरिए आसानी से लोगों के बीच (पीयर-टू-पीयर) और लोगों से व्यापारियों के बीच (पीयर-टू-मर्चेंट) पेमेंट की सुविधा देता है।

पिछले दस सालों में हुई बढ़ोतरी के साथ, UPI एक डिजिटल पेमेंट पहल से आगे बढ़कर भारत के वित्तीय और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का एक मुख्य हिस्सा बन गया है।

UPI के 10 साल और 10 बड़ी बातें
    • UPI को 25 अगस्त 2016 को RBI की देखरेख में NPCI ने लॉन्च किया था।
    • आज के समय में 94 प्रतिशत से ज्यादा छोटे दुकानदार UPI का इस्तेमाल कर रहे हैं।
    • जुलाई 2026 में ही 2360+ ऊपी से करोड़ का ट्रांजैक्शन हुआ है।
    • UPI लॉन्च होने के एक महीने बाद हुए थे सबसे ज्यादा ट्रांजैक्शन।
    • UPI से 81+ करोड़ पेमेंट पॉइंट्स पर होता है भुगतान।
    • साल 2018 में पेमेंट पॉइंट्स की संख्या महज 31 लाख थी।
    • भारत के अलावा 11 अन्य देशों ने भी अपनाया UPI (फ्रांस, सिंगापूर UAE और मॉरिशस भी शामिल)।
    • दुनिया में हर दूसरे रियल टाइम डिजिटल पेमेंट में से एक भारत में होता है।
    • 2016-17 में 1.78 करोड़ से बढ़कर 2025-26 में 24,162 करोड़ से ज्यादा हो गया।
    • शुरुआत में 0.07 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 314 लाख करोड़ रुपये हो गई ट्रांजैक्शन की वैल्यू
    • https://twitter.com/i/status/2092092111059660832

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