नई दिल्ली(एजेंसी):विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री के बीच हाल के दिनों में तीन बार बातचीत हुई है। पिछली बातचीत में शिपिंग की सेफ्टी और इंडिया की एनर्जी सिक्योरिटी से जुड़े मुद्दों पर बात हुई थी। इसके अलावा मेरे लिए कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
जायसवाल ने कहा कि हमारे विदेश मंत्री अपने ईरानी काउंटरपार्ट से बात कर रहे हैं और पिछले कुछ दिनों में तीन बार बातचीत हुई है। जहां तक युद्ध के असर की बात है, तो यह सबके सामने है कि आस-पास क्या हो रहा है। हम में से कई लोगों की जिंदगी पर इसका असर पड़ा है, सिर्फ हमारी ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोगों और देशों पर इसका असर पड़ा है।
पीएम मोदी ने गल्फ लीडर्स से की बात
रणधीर जायसवाल ने बताया कि लड़ाई शुरू होने के बाद प्राइम मिनिस्टर ने गल्फ में कई लीडर्स से बात की है। इन बातचीत में, उन्होंने बातचीत और डिप्लोमेसी की जरूरत पर जोर दिया ताकि जल्दी शांति लौट सके।
उन्होंने सिविलियन कैजुअल्टी से बचने की जरूरत पर भी जोर दिया और सिविलियन्स की सुरक्षा पर फोकस किया। GCC देशों में हमारी एक बड़ी इंडियन कम्युनिटी है और उनकी सिक्योरिटी और वेलफेयर सबसे ज़्यादा जरूरी है। इस बात पर जोर दिया गया। हमने कई मामलों में, देशों की सॉवरेनिटी और टेरिटोरियल इंटीग्रिटी के उल्लंघन की भी निंदा की।
भारतीय नागरिकों की भी मदद कर रहे हैं- विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम उन भारतीय नागरिकों की भी मदद कर रहे हैं जो अजरबैजान और आर्मेनिया जाना चाहते हैं और वहां से कमर्शियल फ्लाइट्स लेकर घर लौटना चाहते हैं। हम मदद कर रहे हैं उन्हें वीजा दिया जा रहा है। हम उन्हें जमीनी बॉर्डर पार करने में भी मदद कर रहे हैं।
‘पाकिस्तान दशकों से आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला देश’
पाकिस्तान पर MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हम ऐसे बेबुनियाद आरोपों को खारिज करते हैं। पाकिस्तान के लिए अपनी गलतियों के लिए भारत पर इल्जाम लगाना अब आम बात हो गई है। दशकों से आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश के तौर पर, जब बॉर्डर पार आतंकवाद की बात आती है तो पाकिस्तान की कोई साख नहीं है। कितनी भी कहानी सुनाने से यह सच्चाई नहीं बदलेगी और न ही पाकिस्तान के खुद को पीड़ित समझने से कोई बेवकूफ बनेगा।”





































