पुणे(एजेंसी):महाराष्ट्र के पुणे में प्रॉपर्टी डीलर केतन अग्रवाल की हत्या की जांच में एक सीक्रेट रिश्ते और परिवार की तरफ से तय की गई शादी के बीच टकराव की बात सामने आई है। पुलिस का दावा है कि सिया गोयल की सह-आरोपी चेतन चौधरी के साथ नजदीकियों के बारे में परिवार के कुछ सदस्यों को पता था।
पुलिस के मुताबिक, गोयल परिवार को जनवरी में एक कम्युनिटी क्रिकेट मैच के दौरान सिया और चौधरी की नजदीकियों के बारे में पता चला था। हालांकि, दोनों परिवारों की आर्थिक स्थिति में काफी अंतर होने के कारण गोयल परिवार ने कथित तौर पर उसकी भावनाओं को नजरअंदाज कर दिया और उसकी शादी ज्यादा अमीर अग्रवाल परिवार से तय कर दी।
‘सिया और चेतन के रिश्ते के बारे में जानता था गोयल परिवार’
जांचकर्ताओं का मानना है कि इस अपराध के पीछे जबरदस्ती की शादी और एक सीक्रेट रिश्ता मुख्य वजह है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “शुरुआती जांच से पता चलता है कि साहिल को अपनी बहन और चेतन चौधरी (सह-आरोपी) के रिश्ते के बारे में पता था। हम इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि क्या उसने यह जानकारी परिवार के अन्य सदस्यों के साथ साझा की थी।”
‘हेयर पैच मेरे बेटे की हत्या की वजह नहीं हो सकता’
सिया गोयल ने पुलिस कस्टडी में पूछताछ के दौरान कथित तौर पर कहा कि वह अपने मंगेतर केतन अग्रवाल को पसंद नहीं करती थी क्योंकि वह हेयर पैच पहनता था। केतन अग्रवाल के पिता ने कहा, “हेयर पैच पहनना मेरे बेटे की हत्या की वजह नहीं हो सकता। अगर उसे यह पसंद नहीं था तो उसे शादी से इनकार कर देना चाहिए था। यह हत्या का कोई बहाना नहीं है।”
पुलिस ने बताया कि सिया ने दावा किया कि शादी तोड़ने से उसके परिवार को दुख होता और उसने कथित तौर पर कहा कि परिवार को नाराज करने के बजाय केतन को रास्ते से हटाना आसान था।
सिया और चेतन ने लोहागढ़ घटना से पहले और बाद में चैट डिलीट कीं
पुलिस ने बताया कि जांच में यह भी पता चला है कि दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर 18 जून को लोहगढ़ किले में हुई घटना से पहले और बाद में अपने फोन की चैट डिलीट कर दी थीं। अधिकारियों ने कहा, “डिलीट की गई चैट का रिकॉर्ड वापस पाने के लिए मोबाइल फोन को फोरेंसिक लैब भेजा गया है।”
पुलिस का दावा है कि घटना से पहले लगभग छह महीनों तक सिया गोयल और चेतन चौधरी लगातार संपर्क में थे और उन्होंने 2,004 कॉल के जरिए कुल 238 घंटे तक बातचीत की थी।
वारदात वाले दिन कैफे में मिले थे सिया और चेतन
जांचकर्ताओं ने बताया कि वारदात वाले दिन दोनों एक कैफे में मिले थे ताकि प्लान को पक्का कर सकें और लोहागढ़ किले में उस जगह की पहचान कर सकें जहां से केतन को नीचे धकेला जाना था।
भाई से 10 घंटे पूछताछ
पुणे ग्रामीण पुलिस ने शुक्रवार को सिया के भाई साहिल गोयल का बयान दर्ज किया। पुलिस ने साहिल को जाने देने से पहले उससे उसकी बहन और चौधरी के रिश्ते के बारे में करीब दस घंटे तक पूछताछ की। एक अधिकारी ने कहा, “साहिल चेतन को जानता है और हमने उससे कुछ बातों की पुष्टि की। उससे करीब 10 घंटे तक पूछताछ की गई।”
पुलिस ने कहा कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी और रिश्तेदारों और दोस्तों से भी पूछताछ की जा सकती है। लोनावला डिवीजन के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस गजानन टोनपे ने कहा कि जांच करने वालों ने दोनों आरोपियों की कथित भूमिकाओं का पता लगा लिया है।
पुलिस का दावा है कि चौधरी ने शुरू में चट्टान के पास मौजूद होने से इनकार किया था लेकिन पूछताछ के दौरान उसका बयान गलत साबित हुआ। पुलिस के मुताबिक, सिया ने बैठकर पहले से तय इशारा किया जिसके बाद चौधरी ने कथित तौर पर पीछे से आकर अग्रवाल को खाई में धक्का दे दिया।
सिया की मां का क्या कहना है?
सिया की मां का दावा है कि उनकी बेटी लोहागढ़ नहीं जाना चाहती थी। सिया की मां ने कहा है कि उनकी बेटी 18 जून को लोहागढ़ किले पर जाने के लिए तैयार नहीं थी। उन्होंने बताया कि केतन और उनकी मां ने सिया को अपने साथ चलने के लिए मनाया।
सिया की मां ने दावा किया, “17 जून की शाम को सिया और केतन की वीडियो कॉल हुई, जिसमें केतन ने उससे लोहागढ़ चलने के लिए कहा। कॉल के दौरान केतन की मां ने भी सिया से बात की और उससे साथ चलने का आग्रह किया। सिया ने उनसे कहा कि वह ट्रेकिंग पर नहीं जाना चाहती, क्योंकि अगले दिन एक कार्यक्रम था और वह आराम करना चाहती थी।”






