​एसईसीएल की लापरवाही ने ली ग्रामीण की जान, सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर हो रही हैवी ब्लास्टिंग के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

- Advertisement -
​ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति ने की 50 लाख मुआवजा और स्थायी नौकरी की मांग
दोषियों पर एफआईआर दर्ज किया जाए -कुलदीप
कोरबा@M4S:एसईसीएल दीपका परियोजना अंतर्गत सुवाभोंडी फेस कोयला खदान में आज दोपहर प्रबंधन और सुरक्षा अधिकारियों की घोर लापरवाही के कारण एक हृदयविदारक घटना घटित हुई खदान में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कर की जा रही हैवी ब्लास्टिंग के कारण सड़क पर चल रहे ग्रामीण लखन पटेल के ऊपर पत्थर छिटककर आ गिरा जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई ।
​इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने एसईसीएल प्रबंधन और खान सुरक्षा निदेशालय (DGMS) को आड़े हाथों लिया है ।
​सपुरन कुलदीप ने कहा कि यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि प्रबंधन द्वारा की गई हत्या है खदानों में ब्लास्टिंग के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों (SOP) का पालन नहीं किया जा रहा है रिहायशी इलाकों और सार्वजनिक सड़कों के इतने करीब बिना उचित घेराबंदी और सुरक्षा चेतावनी के हैवी ब्लास्टिंग करना सीधे तौर पर लोगों की जान से खिलवाड़ है ।
समिति की प्रमुख मांगें
01. खान सुरक्षा निदेशालय (DGMS) और एसईसीएल के संबंधित लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्यवाही और एफआईआर दर्ज की जाए ।
02. मृतक लखन पटेल के परिजनों को तत्काल 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाए ।
03. परिवार के एक सदस्य को योग्यतानुसार एसईसीएल में स्थायी नौकरी दी जाए ।
​04. दीपका क्षेत्र में चल रही ब्लास्टिंग की तत्काल समीक्षा की जाए ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो ।
​अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने चेतावनी देते हुए कहा एसईसीएल कोयला उत्पादन की अंधी दौड़ में स्थानीय भूविस्थापितों और ग्रामीणों की जान की कीमत भूल चुका है यदि प्रबंधन और प्रशासन जल्द ही हमारी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेते तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी ।
​समिति ने मांग की है कि घटना स्थल का निरीक्षण कर उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की जाए और जब तक न्याय नहीं मिलता सुवाभोंड़ी फेस का कार्य बंद रखा जाए ।

Related Articles