रामपुर विधायक फूलसिंह राठिया की बड़ी चेतावनी, 20 दिनों में भूविस्थापितों को स्थाई नौकरी नहीं मिली तो 28 अक्टूबर से होगा चक्काजाम

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कोरबा@M4S:छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में भूविस्थापितों के रोजगार के हक को लेकर एक बार फिर बड़ा आंदोलन शुरू होने जा रहा है। रामपुर विधानसभा क्षेत्र (क्र. 20) के विधायक फूलसिंह राठिया ने प्रदेश शासन, जिला प्रशासन और डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह (DSPM) प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक ने कलेक्टर को पत्र सौंपकर अल्टीमेटम दिया है कि यदि 20 दिनों के भीतर बचे हुए भूविस्थापितों को स्थाई नौकरी प्रदान नहीं की गई, तो 28 अक्टूबर 2026 से नकटीखार से बरबसपुर मार्ग पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम किया जाएगा। इसके साथ ही गोढ़ी और पंडरीपानी डैम को भी पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
विधायक फूलसिंह राठिया द्वारा कलेक्टर को लिखे गए आधिकारिक पत्र (पत्र क्र. 192/2026) के अनुसार, वर्ष 2007 में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी सी.एस.ई.बी. (बुधवारी) द्वारा राखड़ बांध निर्माण के लिए ग्राम गोढ़ी और पण्डरीपानी में किसानों की जमीनों का भू-अर्जन किया गया था। इसके एवज में 29 नवंबर 2010 को तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा की गई थी कि सभी प्रभावित 308 कृषक परिवारों के सदस्यों को छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी में नौकरी दी जाएगी।
घोषणा के मुताबिक अधिकांश परिवारों को नौकरी मिल चुकी है, लेकिन कुछ भूविस्थापित परिवार आज भी अपने हक से पूरी तरह वंचित हैं।
संविदा और कठिन शर्तों वाली नौकरी का विरोध
प्रभावित भूविस्थापितों ने नौकरी के लिए अपने सभी जरूरी दस्तावेज कलेक्टोरेट और संबंधित विभाग में जमा कर दिए हैं। आरोप है कि प्रशासन और कंपनी द्वारा अब बचे हुए भूविस्थापितों को नियमित या स्थाई नौकरी देने के बजाय 03 वर्ष की समयावधि वाली और अत्यधिक कठिन शर्तों के साथ संविदा नौकरी दी जा रही है, जो कि मुख्यमंत्री की मूल घोषणा और नियमों के खिलाफ है।
‘अधिकारियों के झूठे वादों से तंग आ चुके हैं लोग’
विधायक ने पत्र में नाराजगी जताते हुए लिखा है कि अपनी मांगों को लेकर भूविस्थापितों ने कई बार कलेक्टोरेट और विभागीय कार्यालयों के चक्कर काटे हैं। हर बार एस.डी.एम. (SDM), तहसीलदार और कंपनी के अधिकारियों द्वारा केवल झूठे वादे कर मामलों को टालने और समन्वय बनाने का नाटक किया जाता रहा है, जिससे प्रभावितों में भारी आक्रोश है।
28 अक्टूबर से थमेंगे पहिए, डैम होगा बंद
विधायक फूलसिंह राठिया ने प्रशासन को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 20 दिनों के भीतर बचे हुए सभी प्रभावितों को स्थाई नौकरी नहीं मिलती है, तो वे स्वयं भूविस्थापितों के साथ सड़क पर उतरेंगे। 28 अक्टूबर 2026 से मांग पूरी होने तक नकटीखार-बरबसपुर मार्ग पर चक्काजाम किया जाएगा और गोढ़ी-पंडरीपानी डैम को बंद कर दिया जाएगा। विधायक ने स्पष्ट किया है कि इस आंदोलन से उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति के लिए शासन, जिला प्रशासन और विद्युत कंपनी प्रबंधन पूरी तरह जिम्मेदार होंगे।इस पत्र की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक (SP) कोरबा और डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह के प्रबंधन को भी सूचनार्थ भेज दी गई है।

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