पटियाला(एजेंसी):पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए आम आदमी पार्टी की पहली सूची जारी होने के अगले ही दिन दो विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। सनौर विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

पठानमाजरा पिछले काफी समय से पार्टी नेतृत्व और भगवंत मान सरकार के खिलाफ अपने तेवर दिखा रहे थे। उनकी सरकार के साथ बढ़ती तल्खी और पार्टी के भीतर चल रहे विवाद ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है।
इंटरनेट मीडिया पर वायरल किया इस्तीफा
पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने संबंधी पठानमाजरा का इस्तीफा जहां उनके लेटर हेड पर इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है वहीं जौड़ामाजरा द्वारा प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दिए जाने संबंधी उनकी पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। इसके साथ ही यह चर्चा भी जोर पकड़ गई है कि यह दोनों लीडर जल्द ही भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
जौड़ामाजरा की नाराजगी उस समय खुलकर चर्चा में आई थी, जब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पूर्व अकाली मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा को आम आदमी पार्टी में शामिल करवाने के बाद उन्हें समाना का हलका इंचार्ज घोषित कर दिया था।
वर्णनीय है कि पठानमाजरा और सरकार के बीच टकराव की शुरुआत सितंबर 2025 में उस समय खुलकर सामने आई थी, जब उन्होंने बाढ़ और अपने विधानसभा क्षेत्र में नदी-नालों की सफाई को लेकर सरकार तथा पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व पर सवाल उठाए थे। इसके बाद उनकी सुरक्षा वापस लेने और हलके में पुलिस अधिकारियों के तबादलों का मामला भी चर्चा में आया था।
पठानमाजरा के खिलाफ चल रही कार्रवाई
इसके बाद एक महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी के आरोपों में मामला दर्ज हुआ। पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी से जुड़े घटनाक्रम के बाद पटियाला की अदालत ने दिसंबर 2025 में उन्हें भगोड़ा घोषित किया था। पठानमाजरा ने इन कार्रवाइयों को राजनीतिक प्रताड़ना बताते हुए सरकार और पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधा था।
अब विधानसभा से उनके इस्तीफे की खबर ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के लिए नई राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है।




