कोरबा@M4S: जिले में हाथियों की सक्रियता ने लोगों को सख्ते में डाल दिया है। 60 हाथियों का एक विशाल दल, जिसमें 12 से अधिक शावक भी शामिल हैं, लेमरू क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। हाथियों के इस दल ने अलग-अलग झुंडों में विचरण करना शुरू कर दिया है, जिससे इलाके के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वन अमला हाथियों की निगरानी में जुटा है। विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
जिले में हाथियों की समस्या दशकों से बनी हुई है। हाथी और मानव के बीच संघर्ष लगातार जारी है, जिसमें दोनों तरफ से नुकसान हो रहा है। हाथियों के मानव बस्तियों में घुसने के कारण जान-माल की हानि हो रही है, वहीं कई बार हाथियों की भी जान जा चुकी है। हाथी एक बुद्धिमान जानवर है और मानव द्वारा अपनाए गए हर तरीके को समझने और उससे निपटने का रास्ता निकालने में सक्षम है। यही कारण है कि वन विभाग द्वारा हाथियों को रोकने के लिए अब तक किए गए सभी प्रयास विफल रहे हैं।कोरबा का जंगल बेहद समृद्ध है, जो हाथियों को पर्याप्त मात्रा में भोजन और आश्रय प्रदान करता है। यही कारण है कि हाथियों ने इस क्षेत्र को अपना घर बना लिया है। अक्सर, भूल भटककर हाथी गांव की ओर चले जाते हैं और नुकसान पहुंचाते हैं।
किसानों की फसल को किया चौपट
वन मंडल कोरबा में हाथियों की संख्या 63 पहुंच गई है। 5 हाथियों का झुंड गुरुवार रात धरमजयगढ़ वन मंडल से कुदमुरा रेंज पहुंचा है। हाथियों ने 5 किसानों की धान की फसल को नुकसान पहुंचाया है। लेमरू रेंज की ओर बढ़ रहे 13 हाथी वापस बालको रेंज के फुटका पहाड़ पहुंच गए हैं। हाथियों का झुंड अब एक स्थान पर अधिक समय नहीं रूक रहा है। कोरबा वन मंडल में हाथी 4 झूंड में घूम रहे हैं। झूंड में 16 बच्चे होने की वजह से गांव के आसपास नहीं जा रहे हैं। जिससे ग्रामीणों को राहत है। 13 हाथी फुटका पहाड़ में पहुंच गए हैं। कुदमुरा रेंज के एलांग में 39 हाथियों का झूंड घूम रहा है। गीतकुंवारी में भी 5 हाथी धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्राम कलमीटिकरा के किसान बांध के आसपास धान की फसल लगाते हैं। करतला रेंज में घूम रहे छह हाथी अभी भी चिकनीपाली के आसपास ही हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क कर दिया है। 13 हाथियों के अजगर बहार, गढक़टरा की ओर लौटने की संभावना भी बनी हुई है । इसे देखते हुए ग्रामीणों को भी जंगल की ओर नहीं जाने की हिदायत दी गई है।