नई दिल्ली(एजेंसी):भारतीय फिल्मों को पास करने वालीं सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) यानी सेंसर बोर्ड का पुनर्गठन किया गया है। बुधवार को सूचना और प्रसारण मंत्रालय के द्वारा सीबीएफसी के पुनर्गठन की जानकारी दी गई, साथ ही नए सदस्यों के नाम की घोषणा की गई।
सेंसर बोर्ड में इस बार फिल्मी दुनिया के कई नामचीन हस्तियों को शामिल किया गया है जो अब से फिल्मों का रिव्यू करके उन्हें सर्टिफिकेट देंगे। सेंसर बोर्ड में कुल 18 सदस्यों को शामिल किया गया है जिसकी सूची भी सामने आ गई है।
नामों की सूची
| क्रम संख्या | नाम |
|---|---|
| 1 | मनोज जोशी |
| 2 | सुनील शेट्टी |
| 3 | प्रीति जिंटा |
| 4 | पंकज त्रिपाठी |
| 5 | प्रसेनजीत चटर्जी |
| 6 | प्रियदर्शन |
| 7 | संगीतकार रिकी केज |
| 8 | विनोद अनुपम |
| 9 | अभिषेक जैन |
| 10 | हंसराज हंस |
| 11 | सुप्रिया यारलागड्डा |
| 12 | यतींद्र मिश्रा |
| 13 | रूपाली गांगुली |
| 14 | नीला माधब पांडा |
| 15 | पल्लवी जोशी |
| 16 | निशिगंधा वाड |
| 17 | वामन केंद्रे |
| 18 | रमेश पाटंगे |
सेंसर बोर्ड में शामिल हुए फिल्मी सितारे
सेंसर बोर्ड में शामिल सदस्यों की लिस्ट में प्रीति जिंटा (Preity Zinta), सुनील शेट्टी (Suniel Shetty), पंकज त्रिपाठी, रूपाली गांगुली, पल्लवी जोशी, विनोद अनुपम, मनोज जोशी, अभिषेक जैन, रिक्की केज, प्रियदर्शन, सुप्रिया यार्लागड्डा, हंसराज हंस, नीला मदहब पांदा, प्रोसेंजीत चटर्जी, निशिगंधा वाड, वमन केंद्रे और रमेश पतंगे हैं।
The Government of India has reconstituted the Central Board of Film Certification (CBFC) with immediate effect. The reconstituted CBFC comprises the following 18 members:
Vinod Anupam
Manoj Joshi
Abhishek Jain
Ricky Kej
Priyadarshan
Suniel Shetty
Hansraj Hans
Supriya Yarlagadda… pic.twitter.com/pQOJepE4jw— ANI (@ANI) September 16, 2026
तीन साल के लिए हुआ पुनर्गठन?
सिनेमैटोग्राफ एक्ट के तहत मिले पावर का इस्तेमाल करते हुए बोर्ड का पुनर्गठन तीन साल या अगले आदेश तक के लिए किया गया है। यह कदम काफी समय बाद उठाया गया है। इससे पहले CBFC के बोर्ड का औपचारिक पुनर्गठन अगस्त 2017 में हुआ था।
क्या होता है सेंसर बोर्ड का काम?
कोई भी भारतीय फिल्म सिनेमाघरों में पहुंचने से पहले सेंसर बोर्ड से होकर गुजरती है। बिना सेंसर बोर्ड से पास हुए कोई भी फिल्म बड़े पर्दे पर रिलीज नहीं हो सकती है। सेंसर बोर्ड का काम फिल्म का रिव्यू करना, उसे उसके हिसाब से U, UA, A या AS जैसे सर्टिफिकेट देना। सेंसर बोर्ड ही भड़काऊ सीन या फिर आपत्तिजनक सीन्स को कट करने का आदेश देता है।





















































