छत्तीसगढ़ में नई गाइडलाइन दरें लागू- संपत्तियों के वास्तविक मूल्यांकन की दिशा में बड़ा निर्णय

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कोरबा@M4S:राज्य शासन द्वारा अचल (स्थावर) संपत्तियों के बाजार मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया को और अधिक सरल, पारदर्शी एवं वास्तविक बनाने हेतु महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। पूर्व में प्रभावशील “छत्तीसगढ़ बाजार मूल्य मार्गदर्शक सिद्धांतों का बनाया जाना और उनका पुनरीक्षण नियम, 2000” को संशोधित करते हुए अब “छत्तीसगढ़ गाइडलाइन दरों का निर्धारण नियम, 2000” लागू किया गया है।
कार्यालय महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, छत्तीसगढ़ रायपुर के पत्र क्रमांक 1916/गा.ला./2025-26, दिनांक 19.11.2025 के तहत उप-जिला तथा जिला मूल्यांकन समितियों से प्राप्त प्रस्तावों को केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा अनुमोदित किया गया है। इसके आधार पर गाइडलाइन दर वर्ष 2025-26 को संपूर्ण प्रदेश में 20 नवंबर 2025 से लागू कर दिया गया है।

पिछले 7–8 वर्षों से गाइडलाइन दरों में वृद्धि न किए जाने के कारण संपत्तियों के वास्तविक बाजार मूल्य और गाइडलाइन दरों में असंतुलन की स्थिति निर्मित हो गई थी। इस असंतुलन को दूर करने हेतु वार्ड परिसीमन, ग्रामीण क्षेत्रों के विकास स्तर, मुख्य मार्ग एवं अन्य मार्गों की वास्तविक स्थिति तथा समान प्रकृति वाले क्षेत्रों का समूहीकरण करते हुए गाइडलाइन दरों को नई रूपरेखा प्रदान की गई है। इससे किसानों को उनके भूमि का वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप मुआवजा प्राप्त हो सकेगा तथा आम नागरिकों को संपत्तियों के वास्तविक मूल्य मानकों के आधार पर हाउसिंग लोन की राशि मिल सकेगी।
शहरी क्षेत्रों में नगरीय निकाय वार्डों के भीतर मुख्य मार्ग एवं अन्य मार्ग पर स्थित संपत्तियों की दरों में जो असमानता थी, उसे दूर कर एकसमान दरें निर्धारित की गई हैं। पूर्व की गाइडलाइन में कई अनावश्यक कंडिकाएं निर्धारित थीं, जिनके कारण आम नागरिकों को अपने संपत्ति का सही मूल्यांकन समझने में कठिनाई होती थी। नई गाइडलाइन में प्रत्येक वार्ड की कंडिकाओं को सुव्यवस्थित ढंग से समायोजित किया गया है, ताकि कोई Rate Overlapping की स्थिति उत्पन्न न हो। उदाहरणस्वरूप, नगर पालिक निगम कोरबा के वार्ड क्रमांक 13 में एक ही मार्ग के दोनों ओर स्थित भूमि की दरों में अंतर था, जिसे अब एक समान कर दिया गया है। इसी प्रकार वार्ड क्रमांक 1 रामसागर पारा की कंडिकाओं में 20 मीटर अंदर स्थित संपत्तियों की दो अलग-अलग दरों के कारण उत्पन्न भ्रम को भी समाप्त कर दिया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी मुख्य मार्ग एवं अन्य मार्ग के आमने-सामने स्थित भूमि के वास्तविक उपयोग एवं प्रकृति को ध्यान में रखते हुए दरों में समानता सुनिश्चित की गई है। ग्रामों का समूहीकरण कर समान महत्व वाले ग्रामों के लिए एक समान दर निर्धारित की गई है। पूर्व में प्रचलित वर्गमीटर दर को समाप्त कर अब प्रत्येक ग्राम में केवल स्वीकृत अभिविन्यास हेतु पृथक दर ही निर्धारित की गई है। नई गाइडलाइन दरें किसानों तथा आम नागरिकों को उनकी भूमि एवं संपत्ति का वास्तविक मूल्य दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। बाजार मूल्य दरों को संतुलित करते हुए जनहितैषी संशोधनों के साथ लागू की गई।गाइडलाइन प्रदेश के राजस्व तंत्र को अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनाएगी।

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