नई दिल्ली(एजेंसी): चंद्रग्रहण एक अद्भुत खगोलीय घटना है और आज पूरा देश इसका गवाह बनने वाला है। रात करीब 8.58 बजे चंद्रग्रहण शुरू होगा और 8 सितंबर की देर रात 1:26 बजे समाप्त हो जाएगा। अगर मौसम साफ रहा, तो 82 मिनट की यह अद्भुत घटना देश के अधिकांश हिस्सों से देखी जा सकेगी। यह चंद्रग्रहण भारत के अधिकांश हिस्सों में दिखाई देगा, इसलिए इसके प्रति लोगों का उत्साह भी बरकरार है।
ग्रहण से पहले नयना देवी मंदिर में हुई विशेष पूजा
चंद्रग्रहण से पूर्व सूतक काल दोपहर बाद से शुरू हो गया है, जिसका प्रभाव कल आठ सितंबर सुबह तक रहेगा। सूतककाल शुरू होने से पूर्व उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयना देवी मंदिर जिला बिलासपुर में विशेष पूजा की गई। द्रव डालकर मां की आरती की गई। चंद्र ग्रहण का प्रभाव ग्रहण लगने के बाद ही शुरू होता है, लेकिन ग्रहण लगने से कम से कम आठ घंटे पूर्व सूतक लग जाता है। सूतक का प्रभाव भी ग्रहण के सामान ही होता है। सूतक के समय भी कई बंदिशे होती हैं एवं नियम होते हैं।
7 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 54 मिनट से सुबह 12 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। अमृत काल दोपहर 02 बजकर 51 मिनट से शाम 04 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। वहीं राहुकाल सांय 05 बजकर 01 मिनट से शाम 06 बजकर 36 मिनट तक, गुलिकाल दोपहर 03 बजकर 27 बजे से शाम 05 बजकर 01 मिनट तक और यमगण्ड दोपहर 12 बजकर 19 मिनट से दोपहर 01 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।
बता दें कि आज चंद्रग्रहण की लाइव स्ट्रीमिंग कई YouTube चैनल्स पर उपलब्ध होगी। Time and Date का ऑफिशियल YouTube चैनल भी इस घटना की लाइव स्ट्रीमिंग करेगा। जानकारी के मुताबिक, इसकी लाइव स्ट्रीमिंग रात 9:30 बजे से शुरू हो जाएगी।
पितृपक्ष पर सूतक का प्रभाव नहीं
वर्ष का अंतिम चंद्रग्रहण भाद्रपद पूर्णिमा की रात में लगेगा। पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने, उनकी पूजा-आराधना और तर्पण-अर्पण के विधान भी उसी दिन से आरंभ होंगे। रविवार को पूर्णिमा का श्राद्ध किया जाएगा। इसी दिन मातृकुल के पितरों नाना-नानी आदि का तर्पण किए जाने का विधान है। सूतक दोपहर 12:57 बजे से लग रहा है। काशी के विद्वान पंडितों का कहना है कि श्राद्ध कर्म पर चंद्रग्रहण के सूतक का प्रभाव नहीं होता है।
5 घंटे में तीन बार रंग बदलेगा चांद
चंद्रमा का रंग पहले हल्का नारंगी होने लगेगा। इसके कुछ पल बाद ही लाल रंग में रंग जाएगा। चंद्रमा कुछ लम्हों बाद पुनः नारंगी रंग लिए नजर आएगा। साथ ही पूर्ण ग्रहण से चंद्रमा छंटना शुरू हो जाएगा, जो आगे बढ़ते काली छाया वाले ग्रहण से अंतिम चरण में लगभग 1.25 बजे मुक्त हो जाएगा।





































