कोरबा@M4S:जिले में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हुई बढ़ोतरी का असर अब बाजार में साफ दिखाई देने लगा है। ईंधन के दाम बढ़ते ही परिवहन खर्च (मालभाड़ा) में इजाफा हो गया है। इसका सीधा असर आम जनता की रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर बुनियादी निर्माण कार्यों पर पड़ रहा है। किराना, सब्जी, सीमेंट और सरिया जैसी आवश्यक सामग्रियों के दाम बढ़ने से आम आदमी का बजट बिगड़ गया है।
व्यापारियों और वाहन संचालकों का कहना है कि ईंधन महंगा होने के बाद ट्रक, मिनी ट्रक और मालवाहक वाहनों के किराए में वृद्धि हो गई है। बाहर से आने वाले माल पर अब पहले की तुलना में ज्यादा भाड़ा देना पड़ रहा है, जिसके कारण खुदरा बाजार में वस्तुओं की कीमतें बढ़ाना व्यापारियों की मजबूरी बन गई है। लागत बढ़ने से छोटे व्यापारियों का मुनाफा भी प्रभावित हो रहा है। ईंधन की कीमतों ने आम आदमी की रसोई पर सबसे बड़ा प्रहार किया है। थोक मंडियों से आने वाली खाद्य सामग्रियों का परिवहन खर्च बढ़ने से दाल, तेल, चावल और हरी सब्जियों के दामों में लगातार तेजी देखी जा रही है। मध्यमवर्गीय परिवारों का कहना है कि सीमित आय में अब घर का मासिक खर्च चलाना बेहद मुश्किल होता जा रहा है। पेट्रोल-डीजल की मार से निर्माण क्षेत्र भी अछूता नहीं है। सीमेंट, सरिया, गिट्टी, रेत और ईंट जैसी बुनियादी सामग्रियों की कीमतों में वृद्धि हुई है। ठेकेदारों ने भी मजदूरी और परिवहन लागत बढ़ने का हवाला देते हुए निर्माण दरों में इजाफा कर दिया है, जिससे नया मकान बनाने वालों की चिंताएं बढ़ गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी सामग्री पहुंचाने का खर्च बढ़ने से कई छोटे निर्माण कार्य अधर में लटक गए हैं।
ईंधन के दामों में बढ़ोतरी से बिगड़ा रसोई का बजट मालभाड़ा बढ़ने से बाजार में बढ़ी कीमतें, लोग परेशान
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