घर पर ब्लड प्रेशर चेक करते वक्त रखें इन बातों का ध्यान, वरना मशीन बता देगी गलत नंबर

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नई दिल्ली(एजेंसी):बीपी के मरीजों के लिए ब्लड प्रेशर कंट्रोल करना काफी जरूरी है।कई लोग अपने घर पर ही बीपी जांचने की मशीन मंगा लेते हैं, जो रोज-रोज डॉक्टर के चक्कर लगाने से ज्यादा आरामदायक होता है। लेकिन कुछ गलतियों (Mistakes to Avoid while Reading BP) के कारण बीपी मशीन गलत नंबर दिखा सकती है।

जी हां, गलत तरीके से ब्लड प्रेशर चेक करने से मशीन गलत रीडिंग दे देती है। इससे आपका बीपी ज्यादा या कम दिख सकता है, जो कि सही नहीं है। इसी बारे में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. डैनिअल बेलार्डो ने एक पोस्ट शेयर करके बताया कि घर पर बीपी चेक करने का सही तरीका (Correct Way to Read BP at Home) क्या है। आइए जानें।

सही डिवाइस चुनें
  • ब्रेकियल (बाजू) कफ वाली मशीन का इस्तेमाल करें- कलाई वाली मशीनें कम सटीक होती हैं, इसलिए ऊपरी बाजू पर लगने वाली कफ वाली मशीन चुनें।
  • ऑटोमेटेड डिवाइस बेहतर- मैनुअल बीपी मशीनों की तुलना में ऑटोमेटेड डिवाइस ज्यादा बेहतर होते हैं, क्योंकि इसे रीड करने के लिए ट्रेनिंग की जरूरत नहीं होती है।
  • मशीन की मान्यता चेक करें- validatebp.org पर जाकर जांचें कि आपकी मशीन सही रीडिंग देती है या नहीं।
  • कफ का सही साइज- कफ बहुत टाइट या ढीला नहीं होना चाहिए। गलत साइज के कफ से रीडिंग गलत आ सकती है।
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  • ब्लड प्रेशर चेक करने से पहले की तैयारी
    • 30 मिनट पहले स्मोकिं, कैफीन और एक्सरसाइज से बचें- ये चीजें ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकती हैं।
    • 5 मिनट आराम करें- बीपी चेक करने से पहले शांत बैठकर आराम करें।
    • यूरिनरी ब्लैडर फुल न हो- ब्लैडर फुल होने के कारण भी बीपी की रीडिंग बढ़ सकती है।
    सही पोजीशन में बैठें
    • पीठ सीधी और सपोर्टेड हो- कुर्सी पर सीधे बैठें, पीठ को सपोर्ट दें।
    • पैर जमीन पर सपाट रखें- पैरों को क्रॉस न करें।
    • बाजू को दिल के लेवल पर रखें- बाजू को टेबल या कुर्सी के हत्थे पर रखें ताकि वह दिल के बराबर हो।
    ब्लड प्रेशर मापने का सही तरीका
    • कफ को बाजू पर सही तरीके से लगाएं- कफ को कोहनी से एक इंच ऊपर लगाएं और इसे टाइट करें।
    • बातचीत या हिलने-डुलने से बचें- BP चेक करते समय शांत रहें और बात न करें।
    • कम से कम दो बार मापें- पहली रीडिंग के एक मिनट बाद दूसरी बार चेक करें। सुबह (दवा लेने से पहले) और शाम को (डिनर से पहले) बीपी मापना अच्छा होता है।
    रीडिंग को रिकॉर्ड करें
    • मशीन में मेमोरी हो तो बेहतर- ऐसी मशीन चुनें जो रीडिंग्स को सेव कर सके या ब्लूटूथ के जरिए फोन पर भेज सके।
    • डॉक्टर को दिखाएं- अपनी बीपी रीडिंग्स की रिपोर्ट डॉक्टर के पास ले जाएं, ताकि इलाज में मदद मिल सके।

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