नई दिल्ली(एजेंसी):15 अगस्त (Independence Day 2025) की तारीख भारत के इतिहास के पन्नों में दर्ज है। इस दिन साल 1947 में भारत अंग्रेजी हुकूमत की गुलामी की बेड़ियों को तोड़कर आजाद हुआ था। लेकिन क्या आप जानते हैं भारत एकमात्र ऐसा देश नहीं है, जो 15 अगस्त को आजाद हुआ था।
जी हां, भारत के अलावा और भी कुछ देश हैं, जिन्हें 15 अगस्त को स्वतंत्रता मिली थी। आइए आजादी के जश्न के मौके पर जानते हैं कि और किन-किन देशों को 15 अगस्त के दिन गुलामी से आजादी मिली थी
दक्षिण कोरिया (15 अगस्त, 1945)
भारत की तरह ही दक्षिण कोरिया ने भी 15 अगस्त को ही स्वतंत्रता मिली थी, लेकिन साल था 1945। दूसरे विश्व युद्ध के अंत में जापान की हार के बाद कोरिया को जापानी शासन से मुक्ति मिली। 1910 से 1945 तक कोरिया जापान का कॉलोनी रहा था। 15 अगस्त, 1945 को जापान के आत्मसमर्पण के साथ ही कोरिया स्वतंत्र हुआ। हालांकि, बाद में कोरिया दो भागों, उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया में बंट गया, लेकिन इस दिन को दक्षिण कोरिया में “ग्वांगबोकजेओल” के रूप में मनाया जाता है।
कांगो (15 अगस्त, 1960)
अफ्रीकी देश कांगो ने 15 अगस्त, 1960 को फ्रांस से आजादी हासिल की। यह देश मध्य अफ्रीका में स्थित है और 1880 से 1960 तक फ्रांस के कोलोनियल शासन के अधीन रहा। स्वतंत्रता के बाद इसका नाम कांगो रिपब्लिक रखा गया, जिसे आज कांगो-ब्राजाविल के नाम से भी जाना जाता है। 15 अगस्त को यहां “कांगोलेज नेशनल डे” के रूप में मनाया जाता है।
लिकटेंस्टीन (15 अगस्त, 1866)
यूरोप का छोटा-सा देश लिकटेंस्टीन भी 15 अगस्त को ही स्वतंत्र हुआ था, लेकिन भारत से काफी पहले 1866 में। यह देश जर्मनिक संघ से अलग हुआ और कंप्लीट सोवेरियन राष्ट्र बना। 15 अगस्त को यहां “राष्ट्रीय दिवस” के रूप में मनाया जाता है, जिसमें जनता राजपरिवार के साथ उत्सव मनाती है।
बहरीन (15 अगस्त, 1971)
बहरीन को भी 15 अगस्त को ब्रिटेन से आजादी मिली थी, लेकिन इसे भारत के बाद स्वतंत्रता मिली, साल 1971 में। इसी दिन ब्रिटेन और बहरीन के बीच एक समझौता हुआ, जिसके बाद बहरीन को स्वतंत्रता मिली।
15 अगस्त की तारीख न सिर्फ भारत, बल्कि दुनिया के कई देशों के लिए स्वतंत्रता और गौरव का प्रतीक है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि स्वाधीनता कितनी कीमती है और इसे बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। जहां भारत इस दिन को झंडा फहराकर और देशभक्ति के गीतों के साथ मनाता है, वहीं दूसरे देश भी अपने-अपने तरीकों से इस ऐतिहासिक दिन को याद करते हैं।





































