मुंबई(एजेंसी): IIT बॉम्बे में दूसरे साल के B.Tech स्टूडेंट साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद कैंपस में हंगामा जारी है। इस बीच कैंपस में एक बड़ा बदलाव किया जा रहा है।
छात्र की मौत के बाद सीलिंग फैन (छत वाले पंखे) को हटाकर वॉल-माउंटेड फैन (दीवार पर लगने वाले पंखे) लगाने का काम शुरू किया गया है।
सीलिंग फैन की जगह कैंपस में लग रहे वॉल-माउंटेड फैन
महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रहने वाले और एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के छात्र साहिल का शव शुक्रवार शाम पवई कैंपस स्थित उनके हॉस्टल के कमरे में लटका हुआ मिला था। वहीं अब प्रशासन छत वाले पंखों को हटाकर दीवार पर लगने वाले पंखे लगा रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, छात्रों की आत्महत्या की हालिया घटनाओं के बाद IIT बॉम्बे हॉस्टल से सीलिंग फैन हटाने की तैयारी कर रहा है। कैंपस के सभी हॉस्टल और अन्य जरूरी जगहों पर वॉल-माउंटेड फैन लगाए जाएंगे।
कैंपस में ‘नवीनीकरण के काम’ के तहत वॉल-माउंटेड फैन की खेप पहुंचने की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है।
छात्रों की आत्महत्या के मामले रोकने का सही समाधान?
NCP (SP) के प्रवक्ता अनीश गवंडे ने आईआईटी बॉम्बे के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा, फैन बदलने से छात्रों की आत्महत्या की समस्या का समाधान नहीं हो सकता।
अनीश गवंडे ने सवाल उठाया कि कहा कि इसकी जगह आत्महत्या की रोकथाम तथा मानसिक स्वास्थ्य सहायता पर ज्यादा ध्यान देने की बात कही।
गवंडे ने कहा, ‘क्या IIT बॉम्बे को सच में लगता है कि सीलिंग फैन की जगह वॉल फैन लगाने से देश भर के IIT में आत्महत्या की समस्या हल हो जाएगी?’
अनीश गवंडे ने कहा, ‘पिछले 20 सालों में IIT में 117 से ज्यादा छात्रों ने आत्महत्या की है।’ जुलाई में एक छात्र की आत्महत्या के बाद संस्थान ने फैन बदलने के कदम पर चर्चा की थी और पिछले हफ्ते साहिल की आत्महत्या के बाद यह मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया।





















































