नई दिल्ली:भारत में लोग सोने में निवेश करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा 19 मई को 2000 रुपये के नोट को वापस लेने के बाद लोग कथित तौर पर बड़ी संख्या में 2000 रुपये के नोट से सोना खरीदने निकले हैं, ताकि उस नोट से भी छुटकारा मिल जाए और निवेश का निवेश भी हो जाए।लेकिन अगर आप ये सोच रहे है कि आप जितना मन चाहे उतना सोना कैश के माध्यम से खरीद सकते हैं तो ऐसा नहीं है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि एक व्यक्ति बिना आईडी प्रूफ/पैन कार्ड के कानूनी रूप से कितना सोना खरीद सकता है? इसके अलावा, क्या पैन कार्ड उपलब्ध कराने के बाद भी कैश से खरीदे जाने वाले सोने की मात्रा की कोई सीमा है या नहीं?
सख्त हैं मनी लांड्रिंग के नियम
सबसे पहले ये जानिए कि सरकार ने कैश के जरिए सोने खरीदने के लिए क्या नियम बनाए हैं। सरकार ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत नकदी के साथ सोने की खरीद को नियंत्रित करने वाले नियम बनाए हैं। इसके लिए सरकार ने 28 दिसंबर, 2020 को बकायदा नोटिस भी निकाला था।
इस एक्ट के तहत अगर कोई ग्राहक 10 लाख रुपये या उससे अधिक का सोना कैश में खरीदता है तो ज्वेलर्स को उस ग्राहक का केवाईसी यानी उसका पैन या आधार कार्ड लेकर आधिकारियों को तुरंत सुचित करना होगा।
क्या कहते हैं आयकर नियम?
आयकर कानून एक निर्दिष्ट सीमा से अधिक नकद लेनदेन की अनुमति नहीं देते हैं। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 269ST के तहत एक दिन में एक व्यक्ति कुल मिलाकर 2 लाख रुपये से अधिक के नकद लेनदेन नहीं कर सकता, चाहे वह व्यक्ति एक बार में 2 लाख रुपये का सोना खरीद ले या कुछ हजार का सोना खरीदे। कुल मिलाकर बात यह है कि वह व्यक्ति एक दिन में 2 लाख से उपर का सोना कैश में नहीं खरीद सकता।
यदि कोई व्यक्ति एक ही दिन में 2 लाख रुपये से अधिक की राशि के सोने के आभूषण नकद में खरीदता है तो वो आयकर कानून का उल्लंघन होगा। इस तरह के लेन-देन में नकदी लेने वाला आयकर अधिनियम की धारा 271D के अनुसार नकदी में लेनदेन की गई राशि का जुर्माना देने के लिए उत्तरदायी होगा।
2 लाख के उपर के सोने की खरीद पर लगेगा पैन/आधार कार्ड?
अगर आपको 2 लाख रुपये से उपर का सोना खरीदना है तो आपको पैन या आधार कार्ड देना अनिवार्य है। 1962 के आयकर नियमों के नियम 114B के तहत 2 लाख और उससे अधिक मूल्य के लेनदेन के लिए सोने की खरीद के लिए पैन विवरण अनिवार्य है।
इसके अलावा PMLA के नियम भी कुछ निर्दिष्ट सीमा से अधिक के लेनदेन के लिए PAN या आधार को अनिवार्य बनाते हैं।





































