कोरबा@M4S:शिक्षा से ही देश का भविष्य बनता है। इस सोच को साकार करते हुए शासकीय प्राथमिक शाला कारीछप्पर में एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली।
गांव के गरीब और आदिवासी परिवारों के बच्चों के सपनों को उड़ान देने के लिए डॉ. नम्रता जी ने जवाहर नवोदय विद्यालय की निशुल्क तैयारी पुस्तकें भेंट कीं। इन पुस्तकों के मिलने से उन बच्चों के चेहरे खिल उठे जो आर्थिक तंगी के कारण महंगी किताबें नहीं खरीद पाते थे।
विद्यालय के सहायक शिक्षक संतोष कुमार कर्ष ने बताया कि हमारे स्कूल के कुछ बच्चे जवाहर नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। नवोदय में चयनित होने पर बच्चों को कक्षा 6 से 12 तक निशुल्क आवास, भोजन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलती है। लेकिन 300-400 रुपये की किताबें खरीदना इन गरीब बच्चों के लिए संभव नहीं था।
डॉ. नम्रता द्वारा दी गई इन पुस्तकों से अब बच्चे पूरे मनोयोग से तैयारी कर सकेंगे। फोटो में शिक्षक संतोष कर्ष बच्चों के साथ किताबें लेकर खुशी जाहिर करते नजर आ रहे हैं।
इस नेक कार्य के लिए ग्रामीणों ने डॉ. नम्रता जी और शिक्षक श्री संतोष कुमार कर्ष की जमकर सराहना की। लोगों का कहना है कि “संतोष कर्ष जैसे शिक्षक ही शिक्षा के असली दीपक हैं जो गरीब बच्चों के भविष्य को रोशन कर रहे हैं।”
विद्यालय परिवार ने डॉ. नम्रता जी के इस सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि समाज के अन्य जागरूक लोगों को भी ऐसे कार्यों के लिए आगे आना चाहिए।





















































