कोरबा@M4S:एसईसीएल दीपका क्षेत्र प्रबंधन की घोर लापरवाही और संवेदनहीनता के कारण क्षेत्र की आम जनता को आवागमन में भारी परेशानियों और जान के जोखिम का सामना करना पड़ रहा है। ‘विकास’ के नाम पर केवल कोयला उत्खनन को महत्व देने वाले प्रबंधन ने आम जनमानस की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया है ।
कीचड़ और गंदगी से सने प्रमुख मार्ग
गौरव पथ’ मार्ग और स्थानीय निवासियों के लिए उपयोग होने वाले रास्ते कीचड़ और पानी से लबालब हैं, जिससे पैदल चलना भी दूभर हो गया है प्रबंधन इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है ।
दीपका थाना चौक की स्थिति सबसे भयावह है यहां सड़क पर भरा कीचड़ और गंदा पानी यातायात को पूरी तरह बाधित कर रहा है ।
विशेष रूप से, पेट्रोल पंप तक जाने वाले नागरिकों को इस दलदल से गुजरने में असाधारण कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है ।

थाना चौक पर यातायात का जानलेवा जमावड़ा
दीपका थाना चौक पर एसईसीएल से संबंधित भारी वाहनों का अनियंत्रित जमावड़ा लगा रहता है इस अव्यवस्थित यातायात के कारण आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि एसईसीएल प्रबंधन सिर्फ खदान विस्तार और कोयला उत्पादन को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि आम नागरिक की सुरक्षा और व्यवस्थित आवागमन उनकी प्राथमिकता सूची से बाहर है ।
जिला प्रशासन की उदासीनता पर गहरा रोष
क्षेत्र की जनता लंबे समय से जिला प्रशासन से ‘गौरव पथ’ मार्ग और दीपका थाना चौक को सुरक्षित और व्यवस्थित करने की पुरजोर मांग करती आ रही है। लेकिन, जिला प्रशासन की लगातार उदासीनता और निष्क्रियता इस मामले को और भी गंभीर बना रही है। जनता अब सवाल उठा रही है कि क्या जिला प्रशासन एसईसीएल प्रबंधन के सामने इतना बेबस है कि वह जनता की बुनियादी सुरक्षा की मांग को भी पूरा नहीं कर सकता?
जनता की मांग:
क्षेत्र के सभी नागरिकों की ओर से यह कड़ी चेतावनी के साथ मांग की जाती है:
1. एसईसीएल दीपका प्रबंधन तत्काल प्रभाव से गौरव पथ और दीपका थाना चौक पर भरे कीचड़ और पानी की निकासी सुनिश्चित करे तथा सड़कों की तत्काल मरम्मत कराए ।
2. दीपका थाना चौक से भारी वाहनों का अवैध और अव्यवस्थित जमावड़ा हटाकर सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ।
3. जिला प्रशासन इस जनहित के गंभीर विषय पर तत्काल संज्ञान ले और एसईसीएल प्रबंधन पर जवाबदेही तय करते हुए, जनता की सुरक्षा और व्यवस्थित जीवन को सुनिश्चित करे ।
यदि इस पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र की जनता व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन की होगी ।





































