रायबरेली के आदित्य हत्याकांड में सपा के पूर्व प्रत्याशी समेत 14 को उम्रकैद, सात साल बाद कोर्ट का फैसला

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रायबरेली(एजेंसी):सात साल पुराने चर्चित आदित्य हत्याकांड के मामले में सपा के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी आरपी यादव, सोमू ढाबा के मालिक सुरेश यादव, उनके बेटे अर्कित यादव समेत 14 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई, जबकि साक्ष्य के अभाव में अन्य दो आरोपितों रामकृष्ण यादव व अभितेज प्रताप सिंह को दोषमुक्त कर दिया गया।

मामला 9/10 अक्टूबर 2019 की रात का है। आदित्य सिंह उर्फ रवि दोस्तों के साथ भोजन के लिए सोमू ढाबा गए थे। उसके बाद उनका फोन बंद हो गया। रवि की बुआ ने रातभर लोगों से जानकारी ली, लेकिन पता नहीं चला।

अगले दिन सुबह सात बजे हरचंदपुर पुलिस ने परिवारजन को गढ़ी खास में आदित्य का शव मिलने की सूचना दी। तत्समय आदित्य की हत्या के विरोध में करणी सेना सहित कई गैर-राजनीतिक संगठनों ने धरना प्रदर्शन किया था।

पुलिस ने विवेचना के बाद सुरेश यादव, उनके बेटे अर्कित यादव, आरपी यादव, हर्षित वर्मा, रमेश यादव, अतुल तिवारी, गया बक्श सिंह, मनु बारी, जयचंद उर्फ झुरहा, राम सुमेर उर्फ सुमेर, लवकुश, विनोद, सचिन सोनी, सौरभ शर्मा, रामकृष्ण यादव व अभितेज प्रताप सिंह के विरुद्ध मारपीट व हत्या की साजिश समेत कई आरोपों में चार्जशीट दाखिल की।

24 जनवरी 2020 को जिला जज की कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई। मुकदमे में कुल 628 तिथियों में सुनवाई हुई।

विशेष अभियोजन अधिकारी सुरेश प्रताप सिंह ने वादी मुकदमा प्रदीप कुमार सहित 13 गवाह कोर्ट में पेश किए। बचाव पक्ष की ओर से कुछ गवाह पेश हुए। दौरान मुकदमा सभी आरोपितों को उच्च न्यायालय के आदेश से जमानत पर छोड़ा गया।

इस दौरान शासन ने नामित अधिवक्ता को सुनवाई से हटाकर वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश प्रताप सिंह को मामले के लिए विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया। मंगलवार को सभी आरोपित न्यायालय में पेश हुए।

न्यायालय ने रामकृष्ण व अभितेज को दोषमुक्त कर दिया, जबकि सुरेश यादव समेत अन्य सभी 14 आरोपितों को जिला जज अमित पाल सिंह ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 35-35 हजार का अर्थदंड लगाते हुए जिला जेल भेज दिया।

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