कोरबा@M4S:वनमंडल कोरबा के चचिया परिसर में विगत दिनों से विचरणरत 7 हाथियों का दल अब कुदमुरा रेंज अंतर्गत गीतकुंवारी गांव पहुंच गया है, जबकि गीतकुंवारी में पहले से मौजूद लोनर हाथी ने धरमजयगढ़ का रूख कर लिया है। 7 हाथियों के गीतकुंवारी पहुंचने पर संबंधित अमला सतर्क हो गया है। ग्रामीणों को मुनादी कराकर सावधान किया जा रहा है। उनसे कहा जा रहा है कि उनके गांव के जंगल में बड़ी संख्या में हाथी फिर पहुंच गए हैं, अत: वे इनसे दूरी बनाएं रखें। जंगल की ओर न जाएं। उधर कटघोरा वनमंडल के एतमानगर व केंदई रेंज में भी हाथियों की सक्रियता लगातार बनी हुई है जहां पांच हाथियों का दल केंदई रेंज के परला क्षेत्र में है। वहीं 18 हाथियों का दल एतमानगर रेंच के पचरा जंगल में घूम रहे हैं। पहले यह दल कटमोरगा में था, लेकिन गुरुवार की रात को मूवमेंट किया और पचरा जंगल पहुंचकर डेरा डाल दिया। हाथियों की यहां मौजूदगी दूसरे दिन भी बनी रही। हाथियों का यह दल गुरसियां, जटगा मुख्य मार्ग पर पहुंच गया था। जानकारी मिलने पर वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर हाथियों को जंगल खदेड़ा। दल में एक उत्पाती दंतैल भी शामिल है, जो बंजारी गांव में एक ग्रामीण के घर घुसकर उसे ध्वस्त करने का प्रयास किया, लेकिन समय पर निगरानी दल के पहुंच जाने से वह सफल नहीं हो सका। निगरानी दल ने दंतैल को खदेड़ दिया। उत्पाती दंतैल ने कटमोरगा में लगातार तीन दिन तक उत्पात मचाकर वहां के ग्रामीणों तथा वन विभाग के नाक में दम कर रखा था। उत्पात के दौरान दंतैल ने गांव में आधा दर्जन से अधिक ग्रामीणों के घर को ढहा कर उन्हें बेघर कर दिया था। दंतैल समेत हाथियों के दल के अन्यत्र जाने से कटमोरगा के ग्रामीणों ने फिलहाल राहत महसूस की है।
अलग अलग झुंड में विचरण कर रहे हाथियों से ग्रामीणों में दहशत वन अमला मुनादी करा जंगल की ओर ना जाने कर रहा है अलर्ट
