बच्चे को सुनें और समझें
जब बच्चा पलटकर जवाब दे, तो तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय उसकी बात ध्यान से सुनें। हो सकता है कि वह अपनी किसी परेशानी, असंतोष या गुस्से को व्यक्त कर रहा हो। उसकी भावनाओं को समझें और उन पर उससे चर्चा करें। इससे बच्चा महसूस करेगा कि आप उसकी बात को महत्व देते हैं।
खुद शांत और संयमित रहें
बच्चे का गुस्से या पलटकर जवाब देना माता-पिता के लिए निराशाजनक हो जाता है, लेकिन फिर भी आपका शांत रहना बहुत जरूरी है। अगर आप गुस्से में प्रतिक्रिया देंगे, तो यह हालात को और बिगाड़ सकता है। शांत स्वर और पेशेंस के साथ बच्चे को समझाना सबसे अच्छा तरीका है।
सीमाएं तय करें
सकारात्मक व्यवहार को प्रोत्साहित करें
जब बच्चा शालीनता से व्यवहार करे या आपकी बातों को मान लें, तो उसकी तारीफ करें। “बहुत अच्छा किया” या “मुझे खुशी है कि तुमने यह समझा” जैसे शब्द बच्चे को पॉजिटिव बिहेवियर को अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
हर बार पनिशमेंट जरूरी नहीं
हर बार सजा देना हल नहीं होता। इसलिए सजा देने के बजाय, बच्चे से बात करें और उसे उसके व्यवहार के प्रभाव के बारे में समझाएं। उदाहरण के लिए, अगर वह गुस्से में बोलता है, तो उसे समझाएं कि इससे दूसरों को दुख हो सकता है और रिश्ते खराब हो सकते हैं।
खुद रोल मॉडल बने
बच्चे माता-पिता को देखकर सीखते हैं। अगर आपको दूसरों से सम्मानजनक और धैर्यपूर्वक बात करते देखेंगे, तो बच्चा भी यही सीखेगा।
उनकी एनर्जी को सही दिशा दें
बच्चे की एनर्जी को किसी पॉजिटिव एक्टिविटी में लगाएं। उसे खेल, क्रिएटिव प्रोजेक्ट्स या किसी हॉबी में व्यस्त रखें, जिससे वह अपनी भावनाओं को सही तरीके से व्यक्त कर सके।