रजत जयंती वर्ष मनाने निर्धारित कैलेण्डर के अनुसार गतिविधियों का आयोजन सुनिश्चित करें विभाग : कलेक्टर

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अटल डिजिटल डैशबोर्ड अंतर्गत केपीआई में प्रगति लाने कलेक्टर ने दिए निर्देश
समय सीमा की बैठक में विभागीय कामकाज की हुई समीक्षा

कोरबा@M4S:कलेक्टर अजीत वसंत ने आज समय सीमा की बैठक लेकर विभागीय कामकाजों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने एक माह से अधिक समय के लम्बित प्रकरणों पर शीघ्र कार्यवाही करते हुए प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री वसंत ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों और विभागों को दिए गए निर्देशों के तहत आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा सभी विभागों के लिए कैलेण्डर निर्धारित कर कार्यक्रम का आयोजन के निर्देश दिए गये हैं। कलेक्टर ने कोरबा जिले में रजत जयंती वर्ष के दौरान कैलेण्डर अनुसार गतिविधियों का आयोजन करते हुए व्यापक प्रचार प्रसार के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री वसंत ने अटल डिजिटल डैशबोर्ड के अंतर्गत शामिल विभागों के कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने कम केपीआई वाले विभागों को महत्वपूर्ण इंडिकेटर्स में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, पीएमजीएसवाय, आबकारी, व्यापार एवं उद्योग, श्रम, नगर निगम, समाज कल्याण विभाग, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य, खाद्य विभाग, क्रेडा के अधिकारियों को केपीआई के इंडिकेटर्स को ध्यान रखकर कार्य करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट  किया कि सभी विभाग दिए गए डाटा का परीक्षण कर योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें और प्रगति लाने का कार्य सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने विभिन्न पंचायतों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में खाद्यान्न में गबन करने वाले समूह तथा संचालकों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए राशि वसूली करने अथवा कुर्की की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश एसडीएम को दिए।

कलेक्टर श्री वसंत ने समय सीमा की बैठक में लोक सेवा क्रेंद्र अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का समय सीमा के भीतर निराकरण के निर्देश देते हुए आवेदन प्राप्त होने पर प्रकरण निरस्त नहीं करने और आवेदन को वापस नहीं करने के निर्देश दिए। उन्होंने महाप्रबंधक उद्योग विभाग को निर्देशित किया कि विभिन्न योजनाओं में हितग्राहियों का चयन गुणवत्ता के साथ करते हुए प्रकरणों की स्वीकृति और वितरण में प्रगति लाएं। कलेक्टर ने नगरीय निकाय अंतर्गत आबंटन राशि प्राप्त होने पर संबधित कार्य में राशि व्यय करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला पंचायत सीईओ को पीएम जनमन अंतर्गत कार्यों, अन्य निर्माण कर्यों में प्रगति लाने, भुगतान समय पर करने के संबंध में निर्देश दिए।
समय सीमा की बैठक में कलेक्टर श्री वसंत ने सभी विभागों को ई-ऑफिस के माध्यम से फाइलों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस शनिवार को बाल सम्प्रेक्षण गृह के नये भवन में बच्चों को शिफ्ट कर संचालन प्रारंभ करने के निर्देश महिला एवं बाल विकास विभाग के डीपीओ को दिए। कलेक्टर ने बचे हुए लोगों के आयुष्मान-वयवंदन कार्ड व आधार अपडेशन में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधीक्षिका निवास निर्माण के लिए प्रक्रिया प्रारंभ करने, इलेक्ट्रनिक आटो के लिए अलग से स्टैण्ड बनाने के निर्देश दिए। समय सीमा की बैठक में अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ  दिनेश नाग, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, एसडीएम कटघोरा  तन्मय खन्ना, सहायक कलेक्टर क्षितिज गुरभेले (प्रशिक्षु आईएएस), सहित सभी एसडीएम, जिला अधिकारी और सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
त्रुटि सुधार, नक्शा बटांकन, विवादित, अविवादित नामान्तरण-बंटवारा में प्रगति लाएं
कलेक्टर ने की राजस्व विभाग की समीक्षा
कलेक्टर  अजीत वसंत ने राजस्व विभग के कार्यों की समीक्षा बैठक लेकर अविवादित, विवादित नामान्तरण, बंटवारा, खाता विभाजन, सीमांकन, व्यपवर्तन, ई-कोर्ट, राजस्व न्यालय के लंबित प्रकरण, त्रृटि सुधार, नक्शा बटांकन, फौती नामान्तरण, डिजीटल हस्ताक्षर, आधार प्रविष्टि, किसान किताब, मसाहती ग्राम की स्थिति एवं प्रकाशन, गिरदावरी, फज्ञर्मर रजिस्ट्रेशन, वन अधिकार पट्टा सहित अन्य विषयों पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने विवादित और अविवादित नामान्तरण, खाता विभाजन अंतर्गत प्रकरणों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने त्रृटि सुधार के प्रकरणों को तहसील एवं एसडीएम न्यायालय में दर्ज कर समय पर प्रकरणों के निराकरण करने, आगामी 15 दिवस तक नक्शा बटांकन और फौती नामान्तरण के कार्य को प्राथमिकता में रखकर में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम किसान पंजीयन अंतर्गत खरीफ वर्ष में किसानों के पंजीयन के निर्देश दिए। इसके साथ ही कलेक्टर ने तीन से पांच वर्ष पुराने प्रकरणों पर गंभीरता से कार्यवाही करते हुए तीन सप्ताह के भीतर लंबित प्रकरणों की संख्या शून्य करने के निर्देश दिए।

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