साइबर ठगों का नया ‘सब्सक्रिप्शन स्कैम’, चुपचाप खाते से काट रहे पैसे; ऑटो-पे शर्तों से रहें सावधान

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भागलपुर(एजेंसी): साइबर शातिर लोगों को ठगी का शिकार बना उनकी गाढ़ी मेहनत की कमाई उड़ाने को तरह-तरह का फंडा अपना रहे हैं। अब इन ठगों का नया पैतरा लोगों में दहशत फैलाने लगा है। ये ठग अब नया सब्सक्रिप्शन स्कैम कर चुपचाप लोगों के खाते से पैसे काट ले रहे हैं। यानी फ्री ट्रायल आज, साइलेंट आटो-डेबिट कल। साइबर ठगों का यही है नया सब्सक्रिप्शन स्कैम।

डिजिटल सेवाओं के बढ़ते उपयोग के साथ अब एक नया साइबर खतरा तेजी से उभर रहा है। भागलपुर रेंज के भागलपुर, नवगछिया और बांका में कई लोगों को ऐसी ठगी का शिकार बना उनके खाते से चुपचाप पैसे काटने की शिकायत साइबर पोर्टल पर दर्ज कराई गई है।

साइबर ठग लोगों के बैंक खातों से चुपचाप पैसे काट रहे हैं। फिटनेस एप, गेमिंग सेवाओं, ऑनलाइन एप और ओटीटी फ्लेटफार्म के नाम पर फर्जी या भ्रामक फ्री ट्रायल ऑफर देकर लोगों को जाल में फंसाया जा रहा है। साइबर शातिर पहले यूजर्स को फ्री ट्रायल का लालच देते हैं, जिसमें कार्ड डिटेल, यूपीआई, ऑटो पे या नेट बैंकिंग की अनुमति ली जाती है।

ट्रायल अवधि खत्म होते ही बिना स्पष्ट सूचना के उनके खाते से ऑटो टो डेबिट शुरू हो जा रहा है। कई मामलों में यूजर्स को महीनों तक पता ही नहीं चलता कि उनके खाते से छोटी-छोटी रकम कट रही है, जो बाद में बड़ी आर्थिक हानि में बदल जाती है।

साइबर विशेषज्ञ आलोक कुमार मिश्रा की माने तो ठग खासतौर पर ऐसे यूजर्स को निशाना बना रहे हैं जो एप इंस्टाल करते समय एग्री पर क्लिक कर तो देते हैं पर ऑटो रिनुअल की शर्तें पढ़ते ही नहीं हैं। पुलिस मुख्यालय ने इस ट्रेंड को गंभीर साइबर वित्तीय जोखिम बताते हुए अलर्ट भी जारी किया है।

1. केस स्टडी :

बबरगंज थानाक्षेत्र के अलीगंज निवासी कौशलेंद्र कुमार निर्मल को 14 जनवरी 2026 को एक अनजान नंबर से मिस्ड कॉल आया था। उन्होंने सोचा कि शायद कोई जानने वाला होगा, तो उन्होंने वापस कॉल किया। उधर से एक लड़के ने कहा, हेलो, हम पीएन एंटरटेनमेंट से बोल रहे हैं। आज के लिए हम आपको फ्री में प्रीमियम सब्सक्रिप्शन दे रहे हैं। बस एक छोटा सा फॉर्म भरना होगा।

निर्मल को लगा कि यह तो अच्छा ऑफर है, तो उन्होंने फॉर्म भर दिया। उसमें उसने अपना नाम, ईमेल, मोबाइल नंबर और कार्ड डिटेल्स डाल दिए। लड़के ने कहा, बस एक रुपये का ऑटो-डेबिट एक्सेप्ट लीजिए, ताकि हम आपको फ्री ट्रायल दे सकें। निर्मल ने हामी भर दी। कुछ ही देर में उनके खाते से एक रुपया कट गया। लड़के ने कहा,बधाई हो, आपका फ्री ट्रायल एक्टिव हो गया है।

सात दिनों बाद ऑटोमैटिक रूप से 499 रुपये कट जाएंगे अगर आपने कैंसल नहीं किया तो। निर्मल भूल गए और सात दिनों बाद उनके खाते से 499 रुपये कट गए। उन्होंने देखा तो हैरानी हुई क्योंकि वो कैंसिल करना भूल गए थे। जब उन्होंने पीएन एंटरटेनमेंट को कॉल किया, तो पता चला कि यह तो एक स्कैम है। पैसे वापस पाना मुश्किल है।

2. केस स्टडी :

बांका जिले से भागलपुर आकर पढ़ाई कर रही रजौन थानाक्षेत्र निवासी श्वेता कुमारी के खाते से ऐसा ही स्कैम की जानकारी नौ फरवरी 2026 को तब हुई जब वह नये सब्सक्रिप्शन लेने के चक्कर में फंस गई। साइबर शातिर ने उसके खाते से भी 499 रुपये चुपचाप काट लिए। श्वेता कुमारी को तो कैंसिल की प्रक्रिया भी नहीं बताई गई थी।

3. केस स्टडी :

नवगछिया के बाजार रोड निवासी अनिल राय को भी गेमिंग सेवा कासब्सक्रिप्शन के झांसे में फंसा उसके खाते से 499 रुपये चुपचाप काट लिए गए। साइबर पोर्टल पर ऐसी शिकायतें बीते छह माह में काफी आ चुके हैं।

कैसे बचें इस स्कैम से
  • किसी भी फ्री ट्रायल के लिए भुगतान विवरण देने से पहले ऑटो-पे की शर्तों को अच्छी तरह जांच लें।
  • अपने बैंक एसएमएस और स्टेटमेंट को नियमित रूप से चेक करें।
  • अनजान ऐप्स को पेमेंट की अनुमति न दें।
  • सब्सक्रिप्शन तुरंत कैंसल करें।
  • कभी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही अनजान नंबर से आए कॉल का जवाब दें।

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