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कोरबा@M4S:राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 149-बी के चांपा-कोरबा-छुरी-कटघोरा फोरलेन सडक़ निर्माण के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया के बीच जमीनों की खरीदी-बिक्री और अन्य राजस्व गतिविधियों पर लगाए गए प्रतिबंध में प्रशासन ने आंशिक राहत दी है। जिला दंडाधिकारी कार्यालय द्वारा पैकेज-2 के तहत प्रभावित क्षेत्र की शेष भूमि पर खरीदी-बिक्री, बटांकन, खाता विभाजन और व्यपवर्तन आदि पर लगी रोक को शिथिल कर दिया गया है।
चांपा-कोरबा-छुरी-कटघोरा पैकेज-2 में किलोमीटर 38.200 से 80.295 तक चार लेन सडक़ का निर्माण प्रस्तावित है। परियोजना के लिए कोरबा, दर्री, कटघोरा और पोड़ी-उपरोड़ा तहसील क्षेत्र की निजी भूमि का भू-अर्जन किया जाना है। इसी प्रक्रिया के मद्देनजर अक्टूबर 2024 में प्रभावित जमीनों की खरीदी-बिक्री, छोटे टुकड़ों में अंतरण, बटांकन, खाता विभाजन और व्यपवर्तन पर प्रतिबंध लगाया गया था। परियोजना निदेशक, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, परियोजना क्रियान्वयन इकाई बिलासपुर द्वारा प्रभावित खसरों की सूची प्रशासन को उपलब्ध कराई गई है। इसके आधार पर भिलाईखुर्द, पण्डरीपानी, जेंजरा, बिरवट, सोनपुरी, महेशपुर, नवागांव, गोपालपुर, डोडकधरी और छुरीकला गांवों में प्रतिबंध को आंशिक रूप से हटाने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन के आदेश के अनुसार इन गांवों में परियोजना से सीधे प्रभावित दर्शाए गए खसरा नंबर और उनसे लगे हुए 100 मीटर तक के क्षेत्र को छोडक़र शेष भूमि पर खरीदी-बिक्री, बटांकन, खाता विभाजन और व्यपवर्तन सहित अन्य गतिविधियों पर लगा प्रतिबंध शिथिल रहेगा।
प्रभावित जमीन पर रोक बरकरार
फोरलेन निर्माण के लिए चिन्हित प्रभावित खसरों और उनसे लगे 100 मीटर के दायरे की जमीन पर प्रतिबंध फिलहाल जारी रहेगा। वहीं अन्य गांवों में पहले से लगाया गया प्रतिबंध भी यथावत लागू रहेगा। प्रशासन के इस फैसले से उन भू-स्वामियों को राहत मिलेगी, जिनकी जमीन फोरलेन परियोजना की सीमा से बाहर है और जिन्हें प्रतिबंध के कारण लंबे समय से जमीन संबंधी राजस्व कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।





















































